लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में इंटर्न मेडिकोज छेड़छाड़ की सजा भुगतने के बाद भी दोबारा उसी लड़की से छेड़छाड़ कर दी। शिकायत मिलने पर केजीएमयू प्रशासन ने परिसर में ही प्रवेश पर पांबदी लगी दी है। यहीं नहीं एक जांच कमेटी करेगी, दूसरी जांच महिला उत्पीड़न के मामले में अलग कमेटी करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। बताते चले कि केजीएमयू के केद्रीय पुस्तकालय में बारह नवंबर की देर शाम एमबीबीएस 2014 बैच की छात्रा के साथ अध्ययन के दौरान एमबीबीएस 2012 बैच के इंटर्न छात्र ने अभद्रता की थी। इसको लेकर साथी मेडिकोज ने जमकर हंगामा किया था। उसी वक्त की गयी शिकायत पर आधी रात में मौके पर पहुंचे चीफ प्राक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा ने आरोपी को पुलिस की मदद से पकड़ लिया था।
उसके खिलाफ चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इस बीच छात्र ने पुलिस के सामने माफी मांगने के साथ ही और दिये हलफनामा में माफी के साथ लिखा था कि वह इस तरह की हरकत दोबारा नहीं करेगा। केजीएमयू प्रशासन ने इंटर्न के छात्रावास और पुस्तकालय जाने पर पांबदी लगा दी थी, लेकिन वह रोक के बाद भी छात्रावास और पुस्तकालय के आसपास इंटर्न आस-पास टहलता दिखा। यही नहीं 30 नवंबर की रात आरोपी इंटर्न ने छात्रा के मोबाइल पर अश्लील मैसेज भेजना शुरू कर दिया। इसके साथ ही छात्रा पर मिलने के लिए लगातार दबाव बनाने लगा। इस दौरान यह भी शिकायत मिली कि आरोपी अन्य कई छात्राओं के साथ भी अभद्रता करता है। इन शिकायतों को देखते हुए चीफ प्राक्टर डा. कुशवाहा ने आरोपी छात्र के पुस्तकालय, छात्रावास और परिसर में घुसने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। इसके अलावा खिलाफ जांच बैठा दी गई है। यही नहीं इस प्रकरण में महिला उत्पीड़न प्रकोष्ठ पूरे मामले की जांच करेगी।
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