; डॉक्टरों से लेकर वार्ड ब्वॉय तक को लगाया गया, मरीजों की सेवा प्रभावित होने का खतरा
लखनऊ। महानगर स्थित भाऊराव देवरस (बीआरडी) अस्पताल समेत कई सरकारी अस्पतालों में जनगणना ड्यूटी लगाए जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को पत्र लिखकर चिंता जताई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
📊 बीआरडी अस्पताल का हाल
100+ बेड की क्षमता वाला प्रमुख सरकारी अस्पताल
रोजाना 1100+ मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं
बड़ी संख्या में स्टाफ को जनगणना ड्यूटी में लगाया गया.
👨⚕️ किन-किन की लगी ड्यूटी?
सीएमएस और एमएस
लैब टेक्नीशियन
एक्स-रे टेक्नीशियन
ऑप्टोमेट्रिस्ट
फार्मासिस्ट
ईएमओ
इमरजेंसी वार्ड ब्वॉय
नर्सिंग स्टाफ
👉 सभी कर्मचारियों को 28 अप्रैल को प्रशिक्षण में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
📩 प्रशासन को भेजे गए पत्र
20 अप्रैल: जिलाधिकारी को पत्र
22 अप्रैल: नगर आयुक्त को पत्र
➡️ अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बार-बार अवगत कराने के बावजूद कोई राहत नहीं मिली।
➡️ फिलहाल अस्पताल ने किसी भी स्टाफ को प्रशिक्षण में नहीं भेजा है।
🏥 अन्य अस्पतालों की स्थिति
📍 ठाकुरगंज टीबी संयुक्त चिकित्सालय
2 फार्मासिस्ट
2 कार्यालय कर्मचारी
➡️ जनगणना ड्यूटी में लगाए गए
📍 सीएमओ कार्यालय
1 चिकित्सक
1 कंट्रोल रूम कर्मचारी
➡️ ड्यूटी की शिकायत, लेकिन आधिकारिक सूची नहीं मिली
📍 अन्य अस्पताल
बलरामपुर अस्पताल
सिविल अस्पताल
लोकबंधु अस्पताल
रामसागर मिश्र अस्पताल
चंदर नगर संयुक्त चिकित्सालय
➡️ इन अस्पतालों ने अपने यहां से ड्यूटी लगाए जाने से इनकार किया है।
🗣️ नगर आयुक्त का बयान
नगर आयुक्त गौरव कुमार के अनुसार:
“यदि किसी कर्मचारी की ड्यूटी गलत तरीके से लगाई गई है, तो शिकायत मिलने पर संशोधन कराया जाएगा।”
❗ बड़ी चिंता क्या है?
पहले से स्टाफ की कमी
भारी ओपीडी लोड
इमरजेंसी सेवाओं पर असर का खतरा
मरीजों की देखभाल प्रभावित होने की आशंका
🔎 कुल मिलाकर
जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका सीधा असर मरीजों की इलाज व्यवस्था पर पड़ सकता है।












