– पीजीआई में टेली मेडिसिन पर अन्तरराष्ट्रीय कांफ्रेंस
लखनऊ। टेली मेडिसिन का उपयोग कोरोना मरीजों के साथ ही दूसरे गंभीर मरीजों के
उपचार संभव है। यह तकनीक डायबटीज, दिल, ब्रेन स्ट्रोक समेत दूसरी
बीमारियों के मरीजों कारगर है। इससे मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर
लगाने की जरूरत नही है। यह बातें शुक्रवार को पीजीआई के टेली मेडिसिन
विभाग द्वारा आयोजित अन्तरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में देश विदेश के
विशेषज्ञों ने साझा की। डॉक्टरों ने बताया कि कोरोना में टेली मेडिसिन और
टेली कंसल्टेशन की मदद से अकेले पीजीआई में 50 हजार से ज्यादा मरीजों को
उपचार दिया गया।
कांफ्रेंस में टेली मेडिसिन प्रैक्टिस गाइड लाइन इन मैनेजमेंट आफ
डायबिटीज, स्ट्रोक व दिल की बीमारियों पर विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा
किए और विचार रखें। दिल्ली एम्स के डॉ. एमयू पदमा, आईडीएमसी शिमला के डा.
प्रकाश सी नेगी ने कहा कि डायबिटीज के पुराने मरीजों व दूसरी अन्य
बीमारियों की देखभाल इससे संभव है। टेली मेडिसिन परामर्श के लिए समय,
बीमारी की गंभीरता व सावधानी मुख्य है। टाइप एक व दो डायबिटीज के अलावा,
गर्भवती महिलाओं में शुगर की मात्रा और लक्षण देखकर नजदीकी अस्पताल में
उपचार की सलाह दी जा सकती है।












