लखनऊ। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर में निजी अस्पताल संचालन और स्टाफ नर्स के बीच मारपीट के प्रकरण की रिपोर्ट तलब करने के बाद जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की दी है। आनन-फानन में जांच कमेटी ने सोशल मीडिया में वायरल वीडियो को देखा। इसके बाद स्टाफ नर्स का बयान दर्ज किया। उधर सोमवार को स्टॉफ नर्स ने अपने बचाते हुए पुलिस में अस्पताल संचालक के खिलाफ तहरीर दी है।
शनिवार आधी रात पारा निवासी महिला मरीज को परिजन निजी अस्पताल ले जा रहे थे। मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर थीं। बताते है कि ट्रॉमा सेंटर के गेट पर स्टॉफ नर्स ऑक्सीजन सिलेंडर लेने गया था। हालांकि यह बात अलग है कि नर्सिंग स्टाफ आक्सीजन सिलेंडर लेकर नहीं जाते है। आक्सीजन सिलेंडर वार्ड ब्वाय लेकर जाते है। वहां पर किसी बात को लेकर निजी अस्पताल संचालक व स्टाफ नर्स के बीच कहासुनी मारपीट हो गई थी। सोशल मीडिया में दोनों की मारपीट का वीडियो वायरल हुआ। आरोप है कि नर्सिंग स्टाफ मरीज को अपने परिचित के निजी अस्पताल भेजने चाहता था।
उप मुख्यमंत्री ब्राजेश पाठक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। उप मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद केजीएमयू प्रशासन एक्शन में आते हुए तत्काल तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। जांच कमेटी ने सोमवार को सभी गार्ड व नर्स को बुलाकर बयान दर्ज किए। सभी ने स्टॉफ नर्स जरिए सिलेंडर लेने जाने की बात कही है। वहीं स्टाफ नर्स ने निजी अस्पताल संचालक मोनू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के लिए तहरीर दी है। ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. संदीप तिवारी का कहना है कि मामले की जांच चल रही है। जांच पूरी होने तक नर्स की सेवाएं समाप्त रहेगी।












