टीजी हॉस्टल नर्सिंग की घटना; पसीने से तरबतर दंपति बेहोशी की हालत में आए बाहर,
कुलसचिव से की गई लिखित शिकायत।
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) में सुरक्षा और मेंटेनेंस के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। संस्थान के टीजी हॉस्टल नर्सिंग बिल्डिंग की लिफ्ट अचानक खराब होने से केजीएमयू के पीआरओ राजेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी शीला सिंह करीब एक घंटे तक मौत और जिंदगी के बीच जूझते रहे। लिफ्ट में वेंटिलेशन ठप होने के कारण दंपति मरणासन्न स्थिति में पहुंच गए थे।
बिना मोबाइल के फंसे, शोर भी रहा बेअसर
मिली जानकारी के मुताबिक, पीआरओ राजेश कुमार सिंह अपनी पत्नी के साथ मॉर्निंग वॉक से लौट रहे थे। जल्दबाजी में दोनों अपना मोबाइल घर पर ही भूल गए थे। जैसे ही वे लिफ्ट में चढ़े, वह बीच रास्ते में ही अटक गई।
भयानक घुटन: लिफ्ट रुकते ही पंखा और वेंटिलेशन सिस्टम बंद हो गया।
मदद की गुहार: दंपति ने करीब एक घंटे तक शोर मचाया, लेकिन सुबह का वक्त होने के कारण किसी ने आवाज नहीं सुनी।
बेहोशी की स्थिति: अत्यधिक गर्मी और ऑक्सीजन की कमी से दोनों पसीने से लथपथ हो गए और सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
”अगर 10-15 मिनट और लिफ्ट न खुलती, तो शायद हम जीवित बाहर न आ पाते। अंदर दम घुट रहा था और हम पूरी तरह निढाल हो चुके थे।”
— राजेश कुमार सिंह, पीड़ित (पीआरओ, केजीएमयू)
रेजिडेंट डॉक्टरों में भी है आक्रोश;
पहले भी हो चुके हैं हादसे
राजेश कुमार सिंह ने इस संबंध में कुलसचिव (Registrar) से लिखित शिकायत कर लिफ्ट को तुरंत बदलने या मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई पहली घटना नहीं है:
हॉस्टल में रहने वाले रेजिडेंट डॉक्टर और अन्य कर्मचारी अक्सर इस लिफ्ट में फंसते रहते हैं।
मेंटेनेंस टीम को कई बार मौखिक और लिखित तौर पर सूचित किया गया, लेकिन लापरवाही बरकरार है।
तकनीकी खराबी की वजह से लिफ्ट कभी भी झटके के साथ रुक जाती है, जिससे जान का जोखिम बना रहता है।
प्रशासन पर सवाल
इतने बड़े मेडिकल संस्थान में जहां वीवीआईपी और मरीजों का आना-जाना लगा रहता है, वहां लिफ्ट जैसे बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की ऐसी जर्जर हालत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह है कि इस घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारी जागते हैं या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा।












