Pgi : Opd में मरीज डाक्टरों से ले सकेंगे परामर्श, यह जांच जरूरी नहीं

0
637

 

 

 

 

 

लखनऊ। राजधानी में कोरोना का संक्रमण धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। इससे अस्पतालों ने मरीजों के लिए लगायी गयी पांबदी को कम किया जा रहा है। इसी क्रम में पीजीआई ने ओपीडी में कोविड की कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता को समाप्त करने का निर्णय लिया है। जब कि केजीएमयू ने बदले नियमों के तहत कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने वालों का पंजीकरण शुरू कर दिया है।

 

 

पीजीआई ओपीडी में डॉक्टर की सलाह के लिए कोविड की नेगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट आवश्यक होने के साथ ही आन लाइन पंजीकरण किया जा रहा था। अब कोरोना रिपोर्ट की अनिवार्यता को समाप्त करते हुए ओपीडी में सीधे पंजीकरण कराकर डॉक्टर को दिखा सकेंग, लेकिन भर्ती और सर्जरी के लिए नेगेटिव रिपोर्ट आवश्यक है। संस्थान के निदेशक डॉ. आरके धीमन ने बताया कि सोमवार से बिना आरटी-पीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट के मरीज सभी ओपीडी में दिखा सकेंगे।

 

 

 

 

केजीएमयू में ओपीडी में जाने के लिए अब कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगा चुके लोग भी पंजीकरण करा सकते हैं। कोरोना की आरटी-पीसीआर या फिर वैक्सीन की दोनों डोज लगा चुके लोगों को डॉक्टर ओपीडी में परामर्श देंगे। केजीएमयू मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएन शंखवार की तरफ से बुधवार को आदेश जारी कर दिया गया है। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर ओपीडी पंजीकरण बंद कर दिया गया था। वैक्सीन की दोनों डोज लगी होगी तो उसे कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट लाने की जरूरत नहीं होगी। यहां भी भर्ती और सर्जरी के लिए ही कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट आवश्यक होगी। वहीं दूसरी तरफ ओपीडी में और अधिक मरीज पंजीकरण करा सकेंगे। नये निर्देश के अनुसार ओपीडी में सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी 40 नये और 60 पुराने मरीज सहित कुल 100 मरीज देखे जायेंगे। जबकि सामान्य और डेंटल ओपीडी में अब 75 नए और 125 पुराने मरीज देखे जाएंगे।

Previous articleKgmu: लिक्विड आक्सीजन कम नही
Next articleकोरोना के बीच देश में इतने प्रतिशत बन गये’डॉलर मिलियनरी” : सर्वेक्षण

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here