लखनऊ। रविवार को राजधानी लखनऊ को इको गार्डेन में अटेवा कर्मचारी संगठन द्वारा आयोजित होने वाले एनपीएस निजीकरण भारत छोड़ो महारैली में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी भारी संख्या में उपस्थित होंगे । संयुक्त स्वास्थ आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष रितेश मल्ल एवं महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि प्रदेश के सभी आउटसोर्सिंग संविदा स्वास्थ्य कर्मी इस रैली में उपस्थित होकर निजीकरण बंद करवाने में अपना सहयोग करें । सरकार द्वारा विभागों का निजीकरण किया जा वरहा है ,जिससे सरकारी नौकरियों का रास्ता बंद हो रहा है । आउटसोर्सिंग व्यवस्था को सरकार लगातार बढ़ा रही है इसमें कम वेतन में युवाओ का दोहन करते हुए भविष्य खराब किया जा रहा है। आज सरकार द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन से 18% की जीएसटी की कटौती न्याय संगत नहीं है ।आउटसोर्सिंग ठेका प्रथा में सरकार एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा मानव व्यापार किया जा रहा है ।नौकरी के नाम पर धन उगाही वेतन से अवैध कटौती ईपीएफ तथा ईएसआई की राशि में चोरी लगातार बढ़ रही है । संगठन द्वारा शिकयतों के बाद भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही। इसलिए सभी कर्मचारी दिनांक 21 नवंबर 2021 को इको गार्डन मैदान में एकत्रित होकर अटेवा के साथ निजीकरण तथा आउटसोर्सिंग व्यवस्था बंद कराने के लिए आवाज बुलंद करेंगे ।












