लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर को लेवल-वन का दर्जा मिला गया है। भारत सरकार के मानकों के अनुसार उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के आधार पर ट्रॉमा सेंटर को यह दर्जा प्रदान किया गया है। यह प्रदेश का पहला ट्रॉमा सेंटर कहा जाएगा , जिसे लेवल-वन का दर्जा मिला है। मंगलवार को राज्यपाल की संस्तुति के बाद प्रमुख सचिव ने आदेश जारी किया है। ट्रामा सेंटर के
सीएमएस व ट्रामा सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में सभी तरह की सुपर स्पेशियालिटी सुविधाएं मरीजों को मुहैया कराई जा रही हैं।
24 घंटे सीटी स्कैन, एक्सरे, पैथोलॉजी संबंधी जांचें हो रही हैं। न्यूरो सर्जरी, हड्डी, प्लॉस्टिक सर्जरी, ट्रॉमा सर्जरी, पीडियाट्रिक, एनआईसीयू, आईसीयू समेत अन्य दूसरी चिकित्सा सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध मिल रही हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम भी नियमित संचालित हो रहे हैं।
वर्तमान में अगर देखा जाए तो भारत सरकार के सभी मानक केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में मौजूद हैं। इसी आधार पर राज्यपाल के अनुमोदन के बाद प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने आदेश जारी किया। इसमें ट्रॉमा सेंटर को लेवल-वन का दर्जा प्रदान किया है। डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि यह प्रदेश का पहला ट्रॉमा सेंटर है, जिसे लेवल वन का दर्जा मिला है। ट्रॉमा सेंटर को सुविधा के अनुसार चार भागों में विभाजित किया गया है। उच्च चिकित्सा सुविधा वाले सेंटर को लेवल-वन की श्रेणी में रखा जाता है। अब दूसरे ट्रॉमा सेंटर को भी अपग्रेड किया जाएगा।
श्रेणी के अनुसार प्रदेश भर के ट्रॉमा सेंटर को बांटा जाएगा। इसके लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. संदीप तिवारी व चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय में तैनात डॉ. जीके अनेजा शामिल हैं। डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि श्रेणी के अनुसार मरीजों को ट्रॉमा सेंटर में शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए एम्बुलेंस चालकों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे मरीजों को और बेहतर इलाज मिलने की राह आसान होगा। वहीं केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में मरीजों का दबाव कम होगा।












