लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में एक आैर शुक्रवार को लिवर प्रत्यारोपण सफलता पूर्वक किया गया। यह 13 वां लिवर प्रत्यारोपण हुआ है। अब तक 90 प्रतिशत प्रत्यारोपण सफल रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि प्रत्यारोपण के बाद मरीज व दानदाता आईसीयू में भर्ती है आैर उनकी तबीयत स्थिर बनी हुई है। डाक्टरों का कहना है कि विशेष यह है कि लिवर सिरोसिस से पीड़ित मरीज में लगातार प्लेटलेट्स काउंट कम होता जा रहा था।
आलमबाग निवासी मरीज पुरुष (28) तीन वर्षों से लिवर सिरोसिस के कारण बीमार चल रहा था। मरीज को पीलिया भी लगातार बना हुआ था। जांच के दौरान मरीज का प्लेटलेट्स काउंट बहुत कम हो गया था। गंभीर अवस्था में मरीज को केजीएमयू गेस्ट्रो सर्जरी विभाग आया था। यहां विभाग प्रमुख डॉ. अभिजीत चन्द्रा ने मरीज का इलाज करते हुए लिवर प्रत्यारोपण की आवश्यकता बतायी थी। तीमारदारों को समझाने के बाद छोटे भाई (22) लिवर दान किया है।
विभाग प्रमुख डॉ. अभिजीत चन्द्रा ने बताया कि लिवर प्रत्यारोपण जटिल सर्जरी है। केजीएमयू के 100 से अधिक डॉक्टरों और कर्मचारियों की टीम ने सफलता पायी है। मरीज और डोनर दोनों की हालत स्थिर बनी है आैर ट्रांसप्लांट आईसीयू में स्वास्थ्य की निगरानी विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम कर रही है।
प्रत्यारोपण दल का नेतृत्व केजीएमयू के कुलपति डॉ. बिपिन पुरी ने किया। उनके साथ प्रमुख रुप से डॉ. अभिजीत चंद्रा, डॉ. विवेक गुप्ता ने प्रत्यारोपण किया। इसके अलावा नई दिल्ली से डॉ. शालीन अग्रवाल और डॉ राजेश डे उपस्थित थे। गेस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉ. संदीप कुमार वर्मा, डॉ सुमित रूंगटा, डॉ जीपी सिंह, डॉ. रति प्रभा, डॉ. तन्मय तिवारी, डॉ. तूलिका चंद्रा, डॉ. अमिता जैन, डॉ. नीरा कोहली, पीयूष श्रीवास्तव और क्षितिज वर्मा शामिल थे












