निशा तिवारी
गीता कपूर, जिन्हें पूरी इंडस्ट्री प्यार से ‘गीता माँ’ कहती है, डांस रियलिटी शोज़ का एक जाना-माना चेहरा हैं। ‘इंडियाज़ बेस्ट डांसर’ के नए सीज़न और डांस की बारीकियों पर उनके विचार यहाँ दिए गए हैं:
1. निरंतर विकास और नयापन
सवाल: आप कई सालों से डांस रियलिटी शोज़ का हिस्सा रही हैं। इंडिया’ज़ बेस्ट डांसर के साथ आपकी जर्नी हर सीज़न में रोमांचक कैसे बनी रहती है?
गीता कपूर: मेरी यात्रा ने हमेशा मुझे सतर्क रखा है, क्योंकि हर सीज़न में सिर्फ डांसर्स ही नहीं, बल्कि डांस भी विकसित (evolve) हुआ है। इसने मुझे इस कला के बारे में और ज़्यादा सीखने का मौका दिया है और इसके विकास को अपनी आँखों से देखने का अनुभव भी कराया है।
2. थीम: ‘अपना वाला डांस’
सवाल: इस सीज़न की थीम ‘अपना वाला डांस’ है। एक मेंटर के नज़रिए से, डांसर्स के लिए अपनी अनोखी शैली को खोजना क्यों ज़रूरी है?
विविधता का महत्व: हर डांसर को अलग-अलग स्टाइल्स ज़रूर सीखने चाहिए।
स्वयं की पहचान: अलग-अलग स्टाइल्स सीखने से ही आप जान पाते हैं कि कौन-सी शैली आपके व्यक्तित्व पर सबसे अच्छी लगती है।
इंडियन टच: हम बॉलीवुड की धरती से हैं और ‘इंडिया वाला डांस’ हम सबके डीएनए में बसा है।
3. तकनीक और भावनाओं का तालमेल
सवाल: आज के समय में डांसर्स के लिए मज़बूत टेक्नीक और इमोशनल एक्सप्रेशन के बीच बैलेंस बनाना कितना ज़रूरी है?
जवाब: मैंने हमेशा आग्रह किया है कि जो भी डांस की ओर बढ़ता है, वह इसे किसी अच्छे संस्थान या गुरु से सीखे।
मज़बूत नींव: सही शिक्षा से ही अच्छी तकनीक (Technique) पैदा होती है।
पूर्णता: जब तकनीक की मज़बूत नींव पर ‘एक्सप्रेशन’ (Expressions) की परत जुड़ती है, तभी डांस एक संपूर्ण कला बनता है।
4. युवा डांसर्स के लिए संदेश
सवाल: उन युवाओं को आप क्या सलाह देंगी जो इस बड़े प्लेटफॉर्म पर परफॉर्म करने का सपना देखते हैं?
गीता कपूर के अनुसार, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। उन्होंने ये मुख्य बातें सुझाईं:
तैयारी: अपनी यात्रा के लिए पहले से खुद को तैयार करें।
खुला दिमाग (Open Mind): हमेशा नया सीखने के लिए तत्पर रहें।
धैर्य (Patience): रातों-रात कुछ हासिल नहीं होता, इसलिए सब्र रखें।
कड़ी मेहनत: अलग-अलग परिस्थितियों और चुनौतियों में काम करने के लिए तैयार रहें।
”इंडिया’ज़ बेस्ट डांसर आपके टैलेंट को निखार सकता है, लेकिन मेहनत और धैर्य की नींव आपको खुद ही रखनी होगी।”












