बजरंग दल कार्यकर्ता की पिटाई के बाद पुलिस पर आरोपियों को भगाने में मदद का दावा

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विहिप ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

लखनऊ। राजधानी के पारा थाना क्षेत्र में बजरंग दल के एक कार्यकर्ता और उनके चाचा के साथ सरेराह हुई मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। संगठन का दावा है कि पुलिस ने न सिर्फ पीड़ित कार्यकर्ताओं को थाने के चक्कर लगवाए, बल्कि आरोपियों को मौके से भगाने में भी मदद की। विहिप ने इस मामले में दो दिन के भीतर सख्त कार्रवाई न होने पर लखनऊ में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

मिली जानकारी के मुताबिक, बीते रविवार (12 जुलाई 2026) को बजरंग दल के कार्यकर्ता अवनीत श्रीवास्तव और उनके चाचा मनोज श्रीवास्तव के साथ कुछ अराजक व नशेबाज तत्वों ने बेरहमी से मारपीट की। पीड़ित पक्ष जब इसकी शिकायत लेकर पारा थाने पहुंचा, तो आरोप है कि पुलिस का रवैया बेहद टालमटोल वाला रहा।
शिकायत पत्र के अनुसार: “डॉक्टर खेड़ा चौकी इंचार्ज पीड़ित को थाने भेजते रहे और थाने के नाइट ऑफिसर वापस चौकी। इस बीच पुलिस की नाक के नीचे आरोपी खुलेआम घूमते रहे और पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकियां देते रहे।

संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि जब देर रात विहिप और बजरंग दल के वरिष्ठ दायित्वधारी कार्यकर्ता थाने पहुंचे, तब जाकर कहीं पुलिस हरकत में आई और रात करीब 12 बजे से 4 बजे के बीच पीड़ितों को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया।
कार्यकर्ताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब मुख्य आरोपी रात में थाने के बाहर देखा गया, तो उसे पकड़ने के बजाय नाइट ऑफिसर और चौकी इंचार्ज ने मिलकर उसे वहां से भगा दिया। पीड़ितों के बार-बार कहने के बावजूद कि आरोपी नशे में हैं और उनका मेडिकल टेस्ट कराया जाए, पुलिस ने उन्हें हिरासत में नहीं लिया। उल्टा आरोपी पक्ष पीड़ित परिवार को छेड़खानी समेत अन्य झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहा है।

संगठन ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निम्नलिखित तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:
घटना में शामिल सभी दबंगों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें तुरंत जेल भेजा जाए।
दोषी पुलिसकर्मियों का निलंबन: लापरवाही बरतने, आरोपियों को संरक्षण देने और मिलीभगत करने वाले संबंधित नाइट ऑफिसर व चौकी इंचार्ज को तुरंत सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू की जाए।
पीड़ित परिवार को सुरक्षा: आरोपी पक्ष बेहद दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति का है, इसलिए पीड़ित कार्यकर्ता अवनीत श्रीवास्तव और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

दो दिन का अल्टीमेटम, उग्र आंदोलन की चेतावनी
विहिप और बजरंग दल ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि अगले दो दिनों के भीतर इन मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन लखनऊ पुलिस प्रशासन के खिलाफ एक वृहद (बड़ा) आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा।

इस मामले में अभी तक पारा थाना पुलिस या आला अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

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