CGHS के बाद रेलवे फार्मासिस्ट भर्ती में बदलाव: सुनील यादव

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रेलवे फार्मासिस्ट भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव: अब B.Pharm और Pharm.D अनिवार्य, डिप्लोमा धारकों के लिए ब्रिज कोर्स की उठी मांग

​CGHS के बाद अब रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने भी बदला नियम; फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने फैसले का स्वागत करते हुए रखी अहम मांग।

लखनऊ। केंद्र सरकार देश में स्वास्थ्य सेवाओं और फार्मेसी शिक्षा के आधुनिकीकरण को लेकर लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने फार्मासिस्ट ग्रेड-III के पद पर सीधी भर्ती के नियमों में एक ऐतिहासिक बदलाव किया है।
​अब इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता बैचलर ऑफ फार्मेसी (B.Pharm) या डॉक्टर ऑफ फार्मेसी (Pharm.D) तय कर दी गई है। आपको बता दें कि इससे पहले केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) में भी फार्मासिस्ट पद के लिए इसी योग्यता को अनिवार्य किया जा चुका है।

​फैसले का स्वागत, लेकिन डिप्लोमा फार्मासिस्टों के भविष्य की चिंता
​इस बड़े फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए चीफ फार्मासिस्ट और फार्मासिस्ट फेडरेशन सेंट्रल कमेटी के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि यह निर्णय फार्मेसी शिक्षा की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। हालांकि, उन्होंने इसके साथ ही डिप्लोमा (D.Pharm) धारक युवाओं के अपग्रेडेशन की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया।
​”यह बदलाव भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सक्षम बनाएगा। लेकिन जो बच्चे डिप्लोमा करने के बाद निजी या सरकारी क्षेत्रों में कार्यरत हैं, उन्हें केंद्रीय सेवाओं के योग्य बनाने के लिए अपग्रेड करना बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्हें जल्द से जल्द ब्रिज कोर्स का अवसर मिलना चाहिए।

— सुनील यादव, अध्यक्ष (फार्मासिस्ट फेडरेशन)

क्या है ‘B.Pharm (Practice)’ ब्रिज कोर्स?
​सुनील यादव ने जानकारी दी कि भारत सरकार ने डिप्लोमा फार्मासिस्टों के लिए पहले ही B.Pharm (Practice) नामक ब्रिज कोर्स को अधिसूचित किया हुआ है। इस कोर्स की मदद से अनुभवी डिप्लोमा फार्मासिस्ट अपनी योग्यता को बैचलर स्तर तक बढ़ा (उच्चीकृत कर) सकते हैं। चाहे वह सरकारी क्षेत्र में कार्यरत हों या निजी क्षेत्र में, यह कोर्स उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक बेहतरीन जरिया है।

​शैक्षणिक संस्थानों से की यह खास अपील
​सुनील यादव ने देश के सभी विश्वविद्यालयों, फार्मेसी कॉलेजों और प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों से अपील की है कि:
​कोर्स की शुरुआत: वे अपने यहाँ ‘B.Pharm (Practice)’ ब्रिज कोर्स का संचालन जल्द से जल्द शुरू करें।

​करियर का विकास: इससे कार्यरत डिप्लोमा फार्मासिस्टों को नौकरी के साथ-साथ उच्च शिक्षा प्राप्त करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
​दक्ष कार्यबल: इस पहल से देश को अधिक कुशल, आधुनिक और तकनीकी रूप से अपग्रेड फार्मेसी कार्यबल मिल सकेगा।
​उन्होंने अंत में कहा कि अनुभव और उच्च शिक्षा का तालमेल ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह पहल न केवल फार्मासिस्टों के व्यक्तिगत करियर ग्राफ को बेहतर करेगी, बल्कि देश में पेशेंट केयर (रोगी देखभाल) और स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को भी एक नए मुकाम पर ले जाएगी।

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