UP में कॉर्निया ब्लाइंडनेस के खिलाफ महाअभियान

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SOTTO की उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स ने तैयार किया एक्शन प्लान

​लखनऊ। प्रदेश में कॉर्निया दान और प्रत्यारोपण सेवाओं की सूरत बदलने के लिए सरकार और चिकित्सा विशेषज्ञों ने कमर कस ली है। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGHI) में शनिवार को स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (SOTTO), उत्तर प्रदेश के संयुक्त निदेशक प्रो. (डॉ.) आर. हर्षवर्धन की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स की अहम बैठक आयोजित की गई।
​इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में कॉर्निया दान की दर को बढ़ाना और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर इलाज पहुँचाना है।

​’नेत्र मंथन’ की सिफारिशों पर बड़ा एक्शन
​यह टास्क फोर्स हाल ही में SGPGHI के डॉ. डी. के. छाबड़ा ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य-स्तरीय मंथन सत्र “नेत्र मंथन” में मिले सुझावों के आधार पर गठित की गई थी। ‘नेत्र मंथन’ में जुटे देशभर के नेत्र रोग विशेषज्ञों, अस्पताल प्रशासकों और आई बैंक प्रतिनिधियों ने जो चिंताएँ और सुझाव दिए थे, अब उन्हें धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
​बैठक में शामिल हुए दिग्गज विशेषज्ञ
​इस उच्च-स्तरीय बैठक में प्रदेश के शीर्ष चिकित्सा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
​डॉ. शालिनी मोहन
​डॉ. शेफाली मजूमदार
​डॉ. अलका
​डॉ. विकास कनौजिया
​टास्क फोर्स के अन्य सभी वरिष्ठ सदस्य।
​इन 6 प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित रणनीति
​बैठक के दौरान कॉर्निया के अधिकतम और प्रभावी उपयोग के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप तैयार किया गया। टास्क फोर्स ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मोर्चों पर काम करने का निर्णय लिया है:
​अस्पताल-आधारित Eye Retrieval Programme: अस्पतालों में ही कॉर्निया संग्रहण की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
​समयबद्ध पहचान और रेफरल: संभावित कॉर्निया दाताओं की तुरंत पहचान कर सिस्टम को अलर्ट करने वाली प्रणाली विकसित होगी।
​स्वास्थ्यकर्मियों का क्षमता संवर्धन: कॉर्निया कलेक्शन से जुड़े मेडिकल स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
​सख्त मानक प्रक्रियाएं (SOPs): कॉर्निया के संग्रहण (Retrieval), संरक्षण (Preservation) और प्रत्यारोपण (Transplantation) की प्रक्रियाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा।
​अस्पताल और आई बैंक का समन्वय: डेटा शेयरिंग और लॉजिस्टिक्स को बेहतर करने के लिए आपसी तालमेल मजबूत होगा।

​जन-जागरूकता अभियान: आम जनता में नेत्रदान को लेकर फैले भ्रम को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
​”स्वास्थ्य संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और आई बैंकों के समन्वित प्रयासों से हम उत्तर प्रदेश में अंग एवं ऊतक दान कार्यक्रम को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे। यह टास्क फोर्स कॉर्निया जनित अंधत्व की रोकथाम के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

— प्रो. (डॉ.) आर. हर्षवर्धन, संयुक्त निदेशक, SOTTO (UP)
​क्या होगा अगला कदम?
​अस्पताल प्रशासन विभाग के सहयोग से आयोजित इस बैठक का समापन एक ठोस और समयबद्ध कार्यान्वयन योजना (Implementation Plan) के साथ हुआ। टास्क फोर्स के सभी सदस्यों ने जिम्मेदारी तय करते हुए संकल्प लिया कि प्रदेश के सुदूर इलाकों तक गुणवत्तापूर्ण कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी.

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