केजीएमयू पहुंची जांच टीम, दस्तावेज किए गए तलब
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में नर्सिंग ऑफिसर भर्ती-2023 को लेकर उठी शिकायतों की जांच अब एसटीएफ ने शुरू कर दी है। शनिवार को एसटीएफ की टीम केजीएमयू पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने कुलपति व कुलसचिव कार्यालय से भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज जुटाने शुरू किए। टीम भर्ती के विज्ञापन से लेकर परीक्षा, चयन और प्रक्रिया में किए गए बदलाव से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।
केजीएमयू में वर्ष 2023 में 1276 नर्सिंग ऑफिसर पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। विधायक वीरेंद्र चौधरी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी।
चयन प्रक्रिया के बीच में परीक्षा प्रणाली में बदलाव किया गया। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, परीक्षा ओएमआर आधारित मैनुअल प्रणाली से कराई गई, जबकि विज्ञापन के समय निर्धारित प्रक्रिया अलग थी। इसे भर्ती नियमों के विपरीत बताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की गई थी। एसटीएफ अब इसी बिंदु समेत भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की पड़ताल कर रही है। टीम विज्ञापन, परीक्षा से से संबंधित रिकॉर्ड, अभ्यर्थियों का विवरण, चयन सूची और प्रक्रिया में हुए बदलाव से जुड़े दस्तावेज जुटा रही है.
केजीएमयू की नर्सिंग भर्ती में राजस्थान के अभ्यर्थियों के चयन का मुद्दा उठने के बाद प्रदेश के दूसरे चिकित्सा संस्थानों में हुई पुरानी भर्तियां भी चर्चा में आ गई हैं। करीब चार वर्ष पहले लोहिया संस्थान में हुई नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में भी राजस्थान के बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के चयन की बात सामने आई थी। ऐसे में केजीएमयू की मौजूदा भर्ती को लेकर उठे सवालों के बीच लोहिया संस्थान की पिछली भर्ती भी चर्चा में है।
अभ्यर्थियों के चयन का आरोप भी लगाया गया था। जनप्रतिनिधियों ने इस बिंदु पर भी सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी। एसटीएफ की जांच शुरू होने के बाद भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल है। अब दस्तावेजों के आधार पर यह देखा जा रहा है कि भर्ती के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं।











