संकट में साथ खड़ी है सरकार” — सीएम योगी

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आपदा प्रबंधन: CM योगी ने 200 करोड़ के भव्य SDMA भवन और नई वेबसाइट का किया लोकार्पण

​लखनऊ। प्रदेश को आपदाओं से सुरक्षित बनाने और नागरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को एक बड़ा कदम उठाया। सीएम योगी ने लखनऊ में 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अत्याधुनिक नवीन मुख्यालय भवन का भव्य लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने प्राधिकरण की नई आधिकारिक वेबसाइट का भी शुभारंभ किया और वहां आयोजित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन कर आधुनिक तकनीकों की जानकारी ली।

​”संकट में साथ खड़ी है सरकार” — सीएम योगी
​लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा संकल्प उत्तर प्रदेश को एक ऐसा आपदा-मुक्त राज्य बनाना है, जहां हर नागरिक को यह अटूट विश्वास हो कि संकट की घड़ी में सरकार उसके साथ खड़ी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपदा के प्रति पहले से सतर्कता, मुस्तैद तैयारी और व्यापक जागरूकता ही जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर पर ला सकती है। उन्होंने इस जागरूकता को दैनिक जीवन और स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की जरूरत बताई।

​लापरवाही पर जताई चिंता: “वीडियो बनाने के बजाय जान बचाएं”
​सीएम योगी ने हाल ही में बहराइच में एक 12 वर्षीय बच्चे की मगरमच्छ के हमले में हुई दुखद मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने लोगों की संवेदनहीनता पर चिंता जताते हुए अपील की कि संकट के समय लोग घटनास्थल पर मोबाइल से वीडियो बनाने में व्यस्त हो जाते हैं, जबकि उनका पूरा ध्यान पीड़ित की जान बचाने पर होना चाहिए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने ‘मानव-वन्य जीव द्वंद्व’ को भी आपदा की श्रेणी में शामिल कर राहत राशि देने का काम किया है।
​होमगार्ड्स की भर्ती में ‘आपदा मित्रों’ को मिलेगी प्राथमिकता
​फर्स्ट रिस्पांडर्स (प्रथम उत्तरदाताओं) की ताकत बढ़ाने के लिए सीएम ने घोषणा की कि प्रदेश में चल रही 45 हजार होमगार्डों की भर्ती प्रक्रिया में प्रशिक्षित ‘आपदा मित्रों’ को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही सभी होमगार्ड्स के लिए आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा। सरकार इन जवानों को मानदेय, पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और किसी अनहोनी पर परिजनों को 35 से 40 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दे रही है।

​अर्ली वार्निंग सिस्टम और आधुनिक तकनीक पर जोर
​मुख्यमंत्री ने हाल ही में आकाशीय बिजली से राज्य में हुई 111 मौतों पर गहरा दुख जताया। उन्होंने अधिकारियों को अर्ली वार्निंग सिस्टम (Early Warning System) को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सहारनपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे पहाड़ियों पर अचानक आई बाढ़ के दौरान समय पर मोबाइल अलर्ट मिलने से शाकुंभरी देवी मंदिर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं की जान बचाई जा सकी थी।

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