कार्यकर्ताओं ने घर से हटवाया पलायन का बोर्ड
लखनऊ। राजधानी के बशीरगंज, गणेशगंज स्थित मुस्लिम बहुल क्षेत्र में रहने वाले अखिलेश चौधरी और उनके परिवार के उत्पीड़न के मामले में अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने कड़ा संज्ञान लिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें वर्ष 2014 से स्थानीय असामाजिक तत्वों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसमें प्राणघातक हमले और घर की महिलाओं के साथ बदसलूकी की घटनाएं शामिल हैं।
प्रकरण की जानकारी मिलने पर 2 सितंबर को विहिप के लखनऊ जिला संगठन मंत्री समरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के आवास पर पहुंचे और सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
’जिहादी मानसिकता वाले सुधर जाएं, वरना इलाज करेंगे’: समरेंद्र सिंह
मौके पर पहुंचे विहिप जिला संगठन मंत्री समरेंद्र प्रताप सिंह ने कड़े तेवरों में कहा कि संगठन हिंदू समाज की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा:
”विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल हर हिंदू के साथ सिर्फ कदम मिलाकर चलने के बजाय, समस्या की घड़ी में उससे 10 कदम आगे ढाल बनकर खड़ा है।
कोई भी जिहादी तत्व हिंदू समाज को परेशान करने से पहले संगठन की उपस्थिति को याद रखे और अपनी हरकतें छोड़ दे, अन्यथा उनका इलाज कैसे करना है, संगठन अच्छी तरह जानता है।”
आश्वासन के बाद हटाया गया ‘पलायन’ का बोर्ड
स्थानीय उत्पीड़न से तंग आकर पीड़ित अखिलेश चौधरी ने अपने मकान पर ‘पलायन’ का बोर्ड लगा दिया था। बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के समझाने और सुरक्षा का पूरा आश्वासन देने के बाद परिवार ने यह बोर्ड हटा लिया। कार्यकर्ताओं के भारी जमावड़े के बाद क्षेत्र के असामाजिक तत्व बैकफुट पर नजर आए।
मौके पर मौजूद रहे प्रमुख पदाधिकारी
इस दौरान हिंदू समाज और पीड़ित परिवार को भयमुक्त रहने का संदेश देने के लिए बजरंग दल व विहिप के कई प्रमुख कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से अमरेंद्र, मनोज मिश्रा, अमित तिलहरी, अंकुश सूरी, तरनजीत सिंह डंग, गणेश शंकर पवार, शुभम, जितेंद्र, दीपक, मोहित गुप्ता और राजीव पांडेय शामिल रहे।











