एक्टिव केस 37 पहुंचे; डेंगू से राहत
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में इन्फ्लूएंजा-A (H1N1) के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार (02 सितंबर 2026) को जनपद में H1N1 के 6 नए मरीज सामने आने के बाद कुल एक्टिव मामलों की संख्या 37 पहुंच गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि जिले में डेंगू का कोई नया मरीज दर्ज नहीं किया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. एन.बी. सिंह ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय से प्राप्त नई गाइडलाइंस के अनुसार स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है और अस्पतालों में सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं।
इन लक्षणों पर तुरंत कराएं Real-Time RT-PCR जांच
स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार, मरीजों को लक्षणों की गंभीरता के आधार पर श्रेणियों में बांटा गया है:
गंभीर लक्षण (तत्काल जांच व भर्ती की आवश्यकता): तेज बुखार के साथ सीने में दर्द, सांस फूलना, बेहोशी, ब्लड प्रेशर कम होना, नाखूनों का नीला पड़ना या बलगम में खून आना। ऐसे मरीजों की तुरंत Real-Time RT-PCR जांच कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।
बच्चों में खतरे के संकेत: बच्चों में लगातार तेज बुखार, अत्यधिक सुस्ती या उनींदापन (Somnolence), दूध/तरल पदार्थ न पी पाना, झटके (दौरे) आना और तेज सांस चलना गंभीर श्रेणी के लक्षण हैं।
पहले से बीमार मरीज: डायबिटीज, हृदय, रक्त या तंत्रिका विकार से पीड़ित वे मरीज जिनकी पुरानी स्थिति बिगड़ने लगे, उन्हें भी गंभीर मानकर तुरंत इलाज दिया जाएगा।
सामान्य लक्षण वाले मरीजों के लिए दिशा-निर्देश
बुखार, जुकाम, खांसी या गले में खराश जैसे सामान्य लक्षण वाले मरीजों को Real-Time RT-PCR जांच की आवश्यकता नहीं है। CMO के अनुसार:
ऐसे मरीज नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सकीय परामर्श लें।
घर पर रहकर पर्याप्त आराम करें और खुद को परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें।
बुजुर्गों (65 वर्ष से अधिक), गर्भवती महिलाओं, बच्चों और गंभीर रोगियों के संपर्क में आने से बचें, क्योंकि वे इस संक्रमण के प्रति बेहद संवेदनशील हैं।
अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण के सख्त निर्देश
इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पतालों को संक्रमण नियंत्रण मानकों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। मरीजों की स्क्रीनिंग, अलग आइसोलेशन व्यवस्था और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE Kit) के उपयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
क्या करें और क्या न करें: स्वास्थ्य विभाग की सलाह
करें:
बाहर निकलते समय मास्क पहनें और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल या टिशू से ढकें।
शरीर में पानी की कमी न होने दें, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें।
बार-बार आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें।
लक्षण दिखने पर डॉक्टर की सलाह से ही दवाएं लें।
न करें:
किसी से हाथ मिलाने या गले मिलने से बचें।
सार्वजनिक स्थानों पर बिल्कुल न थूकें।
बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या किसी अन्य दवा का सेवन (Self-medication) न करें।
तबीयत खराब होने पर दूसरों के साथ बैठकर खाना खाने से बचें।












