बुजुर्गो का इलाज कैसे हो, युवा डाक्टर्स को सिखायेंगे विशेषज्ञ

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लखनऊ। बढ़ती उम्र के साथ होने वाली बीमारियां बुजुर्गों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। ऐसे में सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि मरीज को समझना भी उतना ही जरूरी है। यदि डॉक्टर उम्र के अनुसार दवा और उपचार योजना तैयार करें तो बुजुर्ग मरीजों की स्वास्थ्य समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों के लिए विशेष सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया गया है।

एक मई से शुरू होगा सर्टिफिकेट कोर्स
Geriatric Society of India (GSI) की ओर से 1 मई से यह कोर्स शुरू किया जाएगा। तीन महीने के इस ऑनलाइन कोर्स में देशभर के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ युवा डॉक्टरों को प्रशिक्षण देंगे। कोर्स का संचालन Dr. Kauser Usman और Dr. Atul Kulshreshtha के निर्देशन में होगा।

डॉ. उस्मान के मुताबिक, इस कोर्स के लिए अब तक 100 से अधिक डॉक्टर आवेदन कर चुके हैं। ऑनलाइन कक्षाएं हर मंगलवार और शुक्रवार रात 8 बजे आयोजित होंगी। कोई भी चिकित्सक इस कोर्स में भाग ले सकता है।

क्यों जरूरी है यह कोर्स?
विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्ग मरीजों की बीमारियां सामान्य मरीजों से अलग होती हैं। उन्हें एक साथ कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिनके लिए अलग-अलग दवाओं की जरूरत पड़ती है। ऐसे में दवाओं के रिएक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है।

Geriatric Medicine में यह सर्टिफिकेट कोर्स डॉक्टरों को बुजुर्गों की शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जरूरतों को समझने और उनके समुचित प्रबंधन के लिए तैयार करता है।

डॉ. कौसर उस्मान का कहना है कि व्यस्तता के चलते कई बार डॉक्टर मरीज को पर्याप्त समय नहीं दे पाते, जिससे बुजुर्ग अपनी समस्या ठीक से बता नहीं पाते। वहीं, कई मरीज दवाएं समय पर लेना भी भूल जाते हैं। ऐसे मामलों में अतिरिक्त निगरानी और संवेदनशीलता जरूरी होती है।

बुजुर्ग मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए King George’s Medical University (KGMU) में अलग जेरियाट्रिक मेडिसिन विभाग संचालित है।

डॉ. कौसर उस्मान के नेतृत्व में हर गुरुवार को ओल्ड ओपीडी ब्लॉक, कमरा नंबर 9 में विशेष ओपीडी चलती है।

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