100 सीटों पर होगी MBBS की पढ़ाई
लखनऊ। अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी (ABVMU) अब सिर्फ दूसरे मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता (Affiliation) देने तक सीमित नहीं रहेगी। यूनिवर्सिटी जल्द ही अपना खुद का हाईटेक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने जा रही है, जहां छात्रों को MBBS की पढ़ाई के साथ-साथ आम जनता को बेहद किफायती दरों पर वर्ल्ड-क्लास इलाज की सुविधा मिलेगी।
यह बड़ी घोषणा प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बुधवार को यूनिवर्सिटी के दूसरे दीक्षांत समारोह के दौरान की।
शुरुआती चरण में मिलेंगी 100 सीटें, शासन को भेजा प्रस्ताव
यूनिवर्सिटी परिसर के धनवंतरी ऑडिटोरियम चरक सम्मेलन केंद्र में आयोजित दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया:
100 MBBS सीटें: प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के शुरुआती चरण में MBBS की 100 सीटों पर दाखिले किए जाएंगे।
मंजूरी की प्रक्रिया: यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, जिसे जल्द ही हरी झंडी मिल जाएगी।
नया आयाम: इस कदम से उत्तर प्रदेश में न केवल योग्य डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि राज्य की चिकित्सा शिक्षा को एक नई और सकारात्मक दिशा भी मिलेगी।
”इस मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से एक तरफ विद्यार्थियों को अत्याधुनिक शैक्षणिक माहौल मिलेगा। यह यह
सिर्फ MBBS नहीं, नर्सिंग और पैरामेडिकल की भी होगी पढ़ाई
यूनिवर्सिटी कैंपस में सिर्फ डॉक्टरों की फौज ही तैयार नहीं होगी, बल्कि संपूर्ण मेडिकल इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। डिप्टी सीएम ने साफ किया कि इस नए परिसर में बीएससी नर्सिंग और विभिन्न पैरामेडिकल कोर्सेज भी संचालित होंगे। इससे छात्रों को आधुनिक सुविधाओं के बीच प्रैक्टिकल ट्रेनिंग मिलेगी और प्रदेश को कुशल मैनपावर की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा।
’स्किल ऑन व्हील’ से चमकेगी नर्सिंग छात्रों की किस्मत
यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अमित देवगन ने विज़न साझा करते हुए कहा कि शिक्षकों को समय-समय पर आधुनिक तकनीकों से अपडेट किया जाएगा। इसके अलावा:
मेडिकल रिसर्च कमेटी: एमबीबीएस छात्रों से लेकर फैकल्टी तक को रिसर्च के लिए ग्रांट (अनुदान) दिया जाएगा।
स्किल ऑन व्हील प्रोजेक्ट: इसके तहत दो हाईटेक बसें प्रदेश भर के नर्सिंग कॉलेजों में घूम-घूमकर छात्र-छात्राओं को 3-3 दिनों की स्पेशल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देंगी।
सेंट्रलाइज्ड स्किल लैब: यूनिवर्सिटी परिसर में ही एक अत्याधुनिक स्किल लैब का निर्माण भी किया जाएगा।
”मरीजों की दुआएं ही डॉक्टर की असली पूंजी”
दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए सर्जन वाइस एडमिरल कृष्ण एम अधिकारी ने युवा डॉक्टरों को सफलता का मंत्र दिया। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि चिकित्सा सेवा कोई साधारण पेशा नहीं, बल्कि समाज सेवा का सबसे बड़ा जरिया है।












