2027 तक PGI को बनाए नम्बर वन: राज्यपाल

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परिसर में नानवेज पर पूर्ण रोक लगाई, परिसर अव्यवस्था से हुई नाराज

लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIAIMS) के 30वें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मुख्य अतिथि व प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंच से ही संस्थान की खामियों का ‘कच्चा चिट्ठा’ खोल दिया। राज्यपाल ने न केवल संस्थान के मेस में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए, बल्कि परिसर में मांस परोसने पर पूर्ण रोक लगाने के निर्देश भी दिए।

​श्रुति सभागार में आयोजित इस गरिमामयी समारोह में जहां एक ओर 279 मेधावी छात्र-छात्राओं को सुपर-स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों (DM, MCh आदि) की उपाधियाँ दी गईं, वहीं राज्यपाल के कड़े रुख ने संस्थान प्रबंधन को आत्मचिंतन करने पर मजबूर कर दिया।

​🚨 मेस के खाने पर भड़कीं राज्यपाल, मांस परोसने पर लगाई रोक
​दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा:
​”जो छात्र मेस से भोजन खा रहे हैं, उसमें मिलावट है। जब आप खुद स्वस्थ रहेंगे, तभी मरीजों को स्वस्थ रख पाएंगे।”
​इसके साथ ही उन्होंने संस्थान की मेस में मांस परोसे जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इस पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया।

​🕵️‍♂️ राज्यपाल ने खुद कराई थी ‘सीक्रेट जांच’, भाषण में पढ़ी कमियों की लिस्ट
​राज्यपाल का यह कड़ा रुख अचानक नहीं था। उन्होंने खुलासा किया कि दीक्षांत समारोह से पहले उन्होंने एक विशेष टीम भेजकर संस्थान की आंतरिक व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत का पता लगाया था।

टीम द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट को राज्यपाल ने मंच से पढ़कर सुनाया:
​वाई-फाई की किल्लत: संस्थान के एक बड़े हिस्से में वाई-फाई की सुविधा न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
​EMRTC भवन की बदहाली: नवनिर्मित ई.एम.आर.टी.सी. भवन की छतों से पानी टपकने (चूने) की शिकायत पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया।
​निर्माण कार्य पर उठे सवाल: राज्यपाल ने पूछा कि इन दोनों भवनों का निर्माण कैसे हुआ और क्या कार्य मानकों के अनुरूप हुए हैं? उन्होंने इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट भी तलब की।
​लाइब्रेरी में कमियां: संस्थान की लाइब्रेरी की अव्यवस्थाओं को लेकर भी उन्होंने निदेशक को आड़े हाथों लिया।
​🎯 “2027 तक SGPGII को देश में नंबर-1 बनाएं”
​एक ओर जहां राज्यपाल ने कमियों पर क्लास लगाई, वहीं दूसरी ओर संस्थान को आगे बढ़ने का विजन भी दिया। उन्होंने कहा कि देश में तीसरे स्थान पर काबिज एसजीपीजीआई को साल 2027 तक नंबर-1 पर लाने के लिए निदेशक और पूरी टीम को संकल्प लेना होगा और इसके लिए अभी से प्रयास शुरू करने चाहिए।
​🎓 ‘डिजिलॉकर’ पर अपलोड हुईं डिग्रियां
​खामियों पर कड़े तेवरों के बीच, दीक्षांत समारोह में आधुनिक तकनीक का अनूठा समन्वय भी देखने को मिला। मुख्य अतिथि आनंदीबेन पटेल ने सभी 279 उपाधि प्राप्तकर्ताओं की डिग्रियां ‘डिजिलॉकर’ (DigiLocker) पर वर्चुअल रूप से अपलोड कीं। इससे पूर्व, समारोह की शुरुआत एक भव्य पारंपरिक शैक्षणिक शोभायात्रा (Academic Procession) के साथ हुई।
​इसके अलावा, शोध और चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 13 संकाय सदस्यों व रेजिडेंट डॉक्टरों को भी मंच पर सम्मानित किया गया।

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