ओपीडी में बंटेंगी रीयूजेबल बोतलें
लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) अब सिर्फ मरीजों का इलाज ही नहीं करेगा, बल्कि उन्हें और उनके तीमारदारों को पर्यावरण के प्रति जागरूक भी बनाएगा। संस्थान के नवीन ओपीडी भवन में ‘प्लास्टिक मुक्त परिसर अभियान’ के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य अस्पताल परिसर से सिंगल यूज प्लास्टिक को पूरी तरह खत्म करना है।
🚫 सिंगल यूज प्लास्टिक से तौबा, रीयूजेबल बोतलों पर जोर
KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि इस अभियान के दौरान मरीजों और उनके परिजनों को सिंगल यूज प्लास्टिक की पानी की बोतलों को छोड़ने की अपील की जाएगी।
लोगों को दैनिक जीवन में लंबे समय तक चलने वाली रीयूजेबल (पुनः प्रयोज्य) पानी की बोतलों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जागरूकता बढ़ाने के लिए संस्थान की ओर से मरीजों और तीमारदारों को रीयूजेबल बोतलें मुफ्त वितरित भी की जाएंगी।
🚮 कचरा प्रबंधन और नुकसान की दी जाएगी जानकारी
कार्यक्रम में केवल बोतलों ही नहीं, बल्कि प्लास्टिक के कप, प्लेट, चम्मच और अन्य एकल-उपयोग वाले उत्पादों से होने वाले गंभीर पर्यावरणीय नुकसान के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। इसके अलावा, लोगों को घरों में निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने और उसके वैज्ञानिक निस्तारण (Disposal) के तरीके भी सिखाए जाएंगे।
”KGMU जैसे बड़े संस्थान में प्लास्टिक का उपयोग कम होना न केवल परिसर को स्वच्छ रखेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। हमारा प्रयास है कि मरीजों और जनता की भागीदारी से इस अभियान को एक बड़ा जनआंदोलन बनाया जाए।”
— डॉ. सोनिया नित्यानंद, कुलपति, KGMU
📌 मुख्य बिंदु:
कहाँ होगा आयोजन: KGMU का नवीन ओपीडी भवन।
किसे किया जाएगा जागरूक: अस्पताल आने वाले मरीज और उनके तीमारदार।
क्या है लक्ष्य: सिंगल यूज प्लास्टिक को बंद करना और सही कचरा प्रबंधन सिखाना।












