फार्मेसी रत्न’ स्व. राम उजागिर पांडेय की 23वीं पुण्यतिथि पर फार्मासिस्टों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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​लखनऊ। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन (DPA) उत्तर प्रदेश के संस्थापक महामंत्री और ‘फार्मेसी रत्न’ स्वर्गीय राम उजागिर पांडेय की 23वीं पुण्यतिथि पर आज प्रदेश भर के फार्मासिस्टों ने उन्हें याद किया। इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मियों और संगठन के पदाधिकारियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए सिद्धांतों पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।
​बलरामपुर अस्पताल में मुख्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन
​पुण्यतिथि के अवसर पर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय कार्यालय, बलरामपुर चिकित्सालय में एक मुख्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

​अध्यक्षीय वक्तव्य: डीपीए के प्रदेश अध्यक्ष संदीप बडोला ने स्वर्गीय पांडेय के योगदान को याद करते हुए कहा कि संगठन उनके दिखाए मार्ग पर चलने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने रेखांकित किया कि स्व. राम उजागिर पांडेय के सतत संघर्षों की बदौलत ही फार्मासिस्ट संवर्ग में चीफ फार्मासिस्ट से लेकर संयुक्त निदेशक तक के उच्च पदों का सृजन हो सका।
​कर्मचारियों के मार्गदर्शक: फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने उन्हें फार्मेसी समाज का एक चिंतनशील और कर्मचारियों के दिलों में बसने वाला महान नेता बताया। उन्होंने कहा कि स्व. पांडेय ने छात्र जीवन से ही फार्मासिस्टों को एकजुट कर संघर्ष की शुरुआत की थी और डीपीए की मजबूत नींव रखी थी।

​इस सभा में डीपीए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमेश मिश्रा, कोषाध्यक्ष अजय पांडे, शंकर पटेल, मनमोहन मिश्रा, अनिल श्रीवास्तव और अजीत मिश्रा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
​सिविल अस्पताल सहित अन्य केंद्रों पर भी हुए कार्यक्रम
​डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय में प्रभारी अधिकारी (फार्मेसी) आनंद सिंह की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ चीफ फार्मासिस्ट दया शंकर पांडे और जी.सी. दुबे ने स्व. पांडेय के चित्र पर माल्यार्पण कर की। इस दौरान सुशील त्रिपाठी, रविंद्र सिंह, दिनेश पांडे, डी.के. सिंह, रजनीश पांडे, ए.पी. मिश्रा, एम.पी. रावत और श्रवण चौधरी सहित बड़ी संख्या में फार्मासिस्टों ने पुष्प अर्पित किए।

​कर्मचारी संगठनों ने बताया ‘संघर्ष का प्रतीक’
​कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष वी.पी. मिश्र ने स्व. पांडेय के साथ बिताए क्षणों को याद करते हुए कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों को एकजुट करने में उनकी भूमिका हमेशा ऐतिहासिक रहेगी। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष सुरेश रावत और महामंत्री अतुल मिश्र ने उन्हें ‘संघर्ष का प्रतीक’ बताया। वहीं, फार्मासिस्ट फेडरेशन के महामंत्री अशोक कुमार ने कहा कि पांडेय जी द्वारा लिखे गए पत्रों और दस्तावेजों का संकलन आज भी संगठन के लिए बहुत लाभकारी साबित हो रहा है।

​सड़क दुर्घटना में हुआ था असामयिक निधन
गौरतलब है कि प्रखर कर्मचारी नेता राम उजागिर पांडेय का 6 जुलाई 2003 को एक सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन हो गया था। तब से हर वर्ष 6 जुलाई को पूरे प्रदेश में उनकी याद में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी कड़ी में आज उत्तर प्रदेश के अन्य सभी जनपदों में भी सेमिनार, संगोष्ठी और मरीजों के बीच फल वितरण जैसे कई जनोपयोगी कार्यक्रम आयोजित किए गए।

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