प्रकृति संरक्षण और सनातन परंपराओं के पालन का संदेश
लखनऊ। लखनऊ में आज गोमती प्रवाह वार्षिक पंचांग के 27वें अंक का गरिमामयी विमोचन राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा द्वारा उनके निवास पर संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने पंचांग की निरंतरता और समाज के प्रति इसके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि लखनऊ का यह पहला पंचांग है, जो पिछले 27 वर्षों से नियमित रूप से प्रकाशित हो रहा है और समाज के बीच निशुल्क वितरित किया जाता है।
यह अपने आप में एक सराहनीय पहल है, जो जनजागरूकता के साथ-साथ हमारी परंपराओं को सहेजने का कार्य कर रही है।
डॉ. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में पंचांग का विशेष महत्व है और यह केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन पद्धति का मार्गदर्शक भी है। उन्होंने इस प्रयास को समाज के लिए उपयोगी बताते हुए इसकी निरंतरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
पंचांग के संपादक रिद्धि किशोर गौड़ ने अपने संपादकीय संदेश के माध्यम से लोगों से प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यदि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीना है, तो हमें प्रकृति के करीब जाना होगा और उसके संरक्षण के लिए जागरूक होना होगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस पंचांग में पर्यावरण संरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है।
पंचांग में मूर्ति विसर्जन के लिए पर्यावरण हितैषी उपाय भी सुझाए गए हैं, जिसमें गाय के गोबर से निर्मित मूर्तियों के उपयोग का विशेष उल्लेख है। इन मूर्तियों का पूजन कर घर पर ही विसर्जन किया जा सकता है, जिससे जल प्रदूषण को रोका जा सके।
विमोचन कार्यक्रम में शुभ संस्कार समिति के सचिव रिद्धि किशोर गौड़, उपाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, अजय मेहरोत्रा, धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष मोहित शर्मा, सप्त ऋषि मिश्रा, राजीव तिवारी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण अत्यंत श्रद्धा एवं गरिमा से परिपूर्ण रहा।












