*हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण कर व्यवस्था की पड़ताल करें : मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री व राज्य मंत्री को दिए निर्देश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग के बीच प्रदेश में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी स्तरों पर सतत मॉनिटरिंग की जाए। मुख्यमंत्री रविवार को ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा एवं राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की उपस्थिति में ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन एवं सभी डिस्कॉम के अधिकारियों के साथ विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता को और सुदृढ़ बनाने तथा गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बढ़ती विद्युत मांग को देखते हुए ट्रांसमिशन नेटवर्क को और अधिक मजबूत, आधुनिक एवं भरोसेमंद बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था की मजबूती के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली की दक्षता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बिजली वितरण व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह तथा उपभोक्ता केंद्रित बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने ट्रांसफॉर्मर क्षति की घटनाओं में कमी को सकारात्मक बताते हुए इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने भविष्य की मांग को देखते हुए दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति पर विशेष बल दिया।
मुख्यमंत्री ने उपभोक्ता सेवाओं को और अधिक तकनीक आधारित तथा पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि नवंबर 2025 से नई एकीकृत 1912 कॉल सेंटर व्यवस्था लागू की गई है। लखनऊ और नोएडा केंद्रों से कॉल लोड बैलेंसिंग के साथ व्यवस्था संचालित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में आमजन को समयबद्ध और सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर केवल समस्या दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को यह भी स्पष्ट रूप से बताया जाए कि समाधान कब तक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवाद और पारदर्शिता से उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा तथा शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को उपभोक्ता हितैषी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जून 2026 से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिल प्रत्येक माह की 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड आधार पर जारी किए जाएंगे। उपभोक्ताओं को एसएमएस व्हाट्सऐप और ई-मेल के माध्यम से बिल उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही 15 मई से 30 जून तक प्रदेशभर में विशेष कैंप आयोजित कर स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि फील्ड अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को गर्मी के मौसम में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सभी डिस्कॉम मिलकर इसे पूरा करेंगे।












