लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में आरक्षण में गड़बड़ी के कारण शिक्षकों की भर्ती फंस जा रही है। इस बारे में अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग केजीएमयू को नोटिस भी दे चुका है। अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इस कारण अब केजीएमयू कुलपति डा. विपिन पुरी को 24 मार्च को आयोग के सामने प्रस्तुत होना होगा।
केजीएमयू में देखा जाए तो प्रतिदिन पांच हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। यहां पर लगभग चार हजार से ज्यादा बिस्तरों पर मरीजों की भर्ती होती है। इसके अलावा एमबीबीएस, पीजी और सुपर स्पेशियालिटी की शिक्षा दी जा रही है। इसके लिए लगभग 500 चिकित्सक शिक्षक तैनात हैं। चिकित्सा शिक्षा के मानक के अनुसार चिकित्सक शिक्षकों की कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए 100 शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया।
अनुसूचित जाति-जनजाति चिकित्सा शिक्षक एसोसिएशन ने आयोग में भर्ती विज्ञापन में आरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन न करने की शिकायत की थी। इसको आयोग ने मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया। केजीएमयू को नोटिस जारी कर विज्ञापन में बदलाव करने के निर्देश दिये। इसके बाद भी अभी तक नया विज्ञापन जारी नहीं हो पाया है। अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति चिकित्सा शिक्षक एसोसिएशन के सचिव डॉ. हरीराम ने फिर से आयोग के पास भेजकर समस्या का निराकरण न होने की बात कही है। इसके बाद अब आयोग ने कुलपति को तलब कर लिया है।












