लखनऊ । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में इलाज महंगा होने जा रहा है। ओपीडी से लेकर भर्ती तक मरीजों को अधिक शुल्क देना होगा। प्रस्ताव के अनुसार ओपीडी पंजीकरण शुल्क दोगुना किया जाना है। इसके अलावा पैथोलॉजी सहित इलाज के दूसरे मदों में 10 प्रतिशत तक शुल्क की बढ़ोत्तरी हो सकती है। केजीएमयू कार्य परिषद के समक्ष शुल्क बढ़ाए जाने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
केजीएमयू में कार्यपरिषद की बैठक शुक्रवार को प्रस्तावित है। कुलपति की अध्यक्षता में होने वाली कार्यपरिषद की बैठक में क्लीनिक शुल्क बढ़ाए जाने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
बताते चले कि ब्रााउन हाल में 26 सदस्यीय हॉस्पिटल बोर्ड कमेटी की बैठक हुई थी। इसमें इलाज शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव को संस्तुति कर दी गयी थी। अब अंतिम निर्णय के लिए मसौदे को कार्यपरिषद में रखा जाएगा।
केजीएमयू की ओपीडी में प्रतिदिन चार से पांच हजार मरीज पहुंचते हैं। केजीएमयू की चिकित्सा व्यवस्था आैर अन्य मदों में प्रदेश सरकार करीब 950 करोड़ रुपये का बजट देती है। केजीएमयू इलाज के लिए मरीज की जांच से लेकर भर्ती तक का शुल्क मरीजों से लिया जाता है। इससे प्रत्येक महीने करोड़ों रुपये की आय केजीएमयू को होती है। अलग- अलग विषयों पर प्रोजेक्ट भी चल रहे हैं। अब यहां इलाज महंगा करने की तैयारी शुरू हो गई है। हॉस्पिटल बोर्ड की बैठक में अधिकारियों ने ओपीडी शुल्क दोगुना करने का प्रस्ताव रखा था। वर्तमान में ओपीडी पंजीकरण शुल्क 50 रुपये चल रहा है, जो छह महीने के लिए मान्य होता है। छह महीने बाद इसे दोबारा शुल्क चुका कर नवीनीकरण कराना पड़ता है। अब पंजीकरण शुल्क 100 रुपये किये जाने का प्रस्ताव है। बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा प्राइवेट रूम का किराया बढ़ा दिया जाएगा। पैथोलॉजी जांचों का शुल्क बढ़ाये जाने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा बैठक में अन्य प्रस्तावों पर जैसे दंत संकाय में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती का पर्चा लीक हो गया था। इस पर निर्णय होगा। इसके अलावा सीनियर रेजिडेंट की भर्ती की उम्र बढ़ाने पर फैसला लिया जाना है। बाल रोग विभाग में डीएम पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू करने का शुल्क तय किया जाएगा। इसके साथ ही कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में डॉक्टरों का प्रकरण भी रखा जाएगा।












