लखनऊ । राजधानी के सबसे संक्रामक रोगों के लिए सबसे ज्यादा संवेदनशील फैजुल्लागंज में मृत पाए गए सूअरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई है। पहले तो स्वास्थ्य विभाग व पशुपालन विभाग तथा नगर निगम क्षेत्र में सुअर के मरने की जानकारी से इंकार कर रहा था, लेकिन जब ज्यादा संख्या में सुअर मरने लगे, तो पशुपालन विभाग ने पोस्टमार्टम करा कर के इनका सैंपल भोपाल स्थित उच्च स्तरीय पशु अनुसंधान केंद्र भेजा। जहां पर अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि की गई है । इस घटनाक्रम के बाद नगर निगम स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया है ,हालांकि स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह बीमारी सुअरों से मनुष्यों में नहीं आती है ,लेकिन फिर भी सावधानी बरतनी जरूरी है। क्षेत्र में पहले ही संक्रामक रोग से बच्चे बीमार चल रहे हैं।
बताते चलें कि राजधानी के फैजुल्लागंज इलाके में बीते कई दिनों से सूअरों के मरने का सिलसिला जारी है। बीते 3 दिन पहले मृत पाए गए सुअरों का पोस्टमार्टम कराकर जांच के लिए नमूने भोपाल भेजे गए थे।
मंगलवार देर रात आई जांच रिपोर्ट में मृत सूअरों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि हुई है।
जांच रिपोर्ट आते ही पशुपालन विभाग की तरफ से एडवाइजरी जारी कर दी गई है। सुअर पालकों को सख्त दिशा निर्देश दिए गए हैं कि अब इनकी खरीद-फरोख्त ना करें।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी देवेश शर्मा ने बताया है कि फैजुल्लागंज के जिस इलाके में मृत सुअर पाए गए थे, उसको प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। साथ ही सूअरों की खरीद-फरोख्त पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर से इंसानों को कोई खतरा नहीं है। लेकिन फिर भी बचाव जरूरी है।
आपको बता दें कि फैजुल्लागंज में करीब डेढ़ सौ सूअरों की मौत होना बताई जा रही है।












