लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डेंटल यूनिट में सीनियर रेजिडेंट की भर्ती का पेपर लीक प्रकरण में दो डॉक्टरों को नोटिस जारी की जाएगी। वहीं नेत्र रोग विभाग में विवाद के बाद एक अन्य डॉक्टर को नोटिस जारी की जाएगी। यह निर्णय शुक्रवार को केजीएमयू कार्यपरिषद की बैठक में लिये गये।
केजीएमयू कुलपति डॉ. बिपिन पुरी की अध्यक्षता में 47 वीं कार्यपरिषद की बैठक सम्पन्न हो गयी।
कुलपति डॉ. बिपिन पुरी ने बताया कि वर्ष 2019 में डेंटल यूनिट में सीनियर रेजिडेंट डाक्टरों की भर्ती की प्रवेश परीक्षा आयोजित की गयी थी। आरोप लगा है कि वरिष्ठ डॉक्टर ने विभाग के दूसरी डॉक्टर से वॉट्सएप पर पर्चा मांग लिया था। शिकायत के बाद प्रवेश परीक्षा में आरोप प्रत्यारोप लगे थे। इसके बाद इस प्रकरण में जांच लखनऊ मंडलायुक्त को दी गयी थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्यपरिषद में चर्चा के बाद आरोपी डॉक्टरों को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। इस प्रकरण में नेत्र रोग विभाग में एक डॉक्टर को नोटिस जारी करने समेत अन्य कार्यवाही पर भी कार्यपरिषद ने फैसला सुनाया है।
कुलपति ने बताया कि नेत्र रोग विभाग के एक डॉक्टर पर कार्य को लेकर कई अलग- अलग प्रकार के आरोप लगाये गये थे। इस पर काफी विवाद भी हुआ था। विवाद को देखते हुए डाक्टर को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है। इसके अलावा बैठक में केजीएमयू के क्वीनमेरी ( स्त्री रोग विभाग) में पीपी प्रोग्राम के तहत तैनात एक महिला चिकित्सा अधिकारी को शैक्षिक पद में परिवर्तन के प्रस्ताव को कार्यपरिषद ने नकार दिया है। कार्यपरिषद में चर्चा हुई कि यह मामला काफी पेंचीदा है। इससे पहले राजभवन व शासन ने चिकित्साधिकारी को शैक्षिक पद में परिवर्तित करने को नियमानुसार करार नहीं दिया था। हालांकि शासन से दो बाद इस पद को शैक्षिक पद पर तब्दील करने के लिए कहा जा चुका है। पूरे प्रकरण बहुत पेंचीदा है, इस लिए कार्यपरिषद ने प्रकरण को शासन को भेज दिया गया है। वहां से जो भी निर्णय आएगा उसके अनुसार अग्रिम कार्यवाही होगी।












