लखनऊ। कोरोना वैक्सीनेशन आंकड़ों में कई गंभीर चूक दिखने लगी है। चूक इतनी गंभीर है कि मौत के सात महीने बाद वैक्सीन की दूसरी डोज लगी और वैक्सीनेशन का मैसेज देकर सर्टिफिकेट भी पोर्टल पर लोड कर दिया। परिजनों के मोबाइल पर मृतक को वैक्सीन की दूसरी डोज लगने का मैसेज पहुंचा तो सभी आश्चर्यचकित रह गये। अब परिजनों तो क्या किसी को समझ नहीं आ रहा कि मौत के बाद किसी को कैसे वैक्सीन लग सकती है?। जब अधिकारियों से इस बाबत पूछा गया तो उन्हें कोई जवाब नहीं सूझ रहा है और जांच कराने की बात बता कर किनारा कर लेते हैं।
जानकारी के अनुसार बालागंज की शीला कन्नौजिया (60) की मृत्यु 22 मई 2021 में हो गई थी। उन्होंने इससे पहले तीन अप्रैल को कोरोना वैक्सीन लगवाई थी। बेटे श्यामू कन्नौजिया के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में मां को वैक्सीन की पहली डोज लग पाई थी। कुछ दिन बाद उनकी तबीयत बिगड़ी थी और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। अब अचानक 22 जनवरी को उनकी वैक्सीन की दूसरी डोज लगने का मैसेज आने के साथ वैक्सीन की दूसरी डोज लगने संबंधी प्रमाण-पत्र भी पोर्टल पर आ गया है। जिसे अपलोड किया जा सकता है। फर्जी वैक्सीनेशन होने की घटना उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है। फिलहाल स्वास्थ्य अधिकारी ने प्रकरण की जांच के आदेश दिए गए हैं।












