लखनऊ। गोमती नगर स्थित डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में एक और डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया है। इस डाक्टर के जाने से यहां जल्द ही लिवर की बीमारी से पीड़ित मरीजों के सामने दिक्कत शुरू हो सकती है। संस्थान के गेस्ट्रो मेडिसिन विभाग के एक मात्र विशेषज्ञ डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया है। विशेषज्ञ डॉक्टर ने संस्थान प्रशासन को इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि अभी संस्थान प्रशासन ने डाक्टर का इस्तीफा मंजूर नहीं किया है।
आंकड़ों के अनुसार लोहिया संस्थान में लगभग 1000 बिस्तर हैं। यहां पर लगभग 160 विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात हैं। अगर देखा जाए तो कई विभाग ऐसे है जो जिनमें मात्र एक – एक डाक्टर की तैनात है। इससे गैर जनपदों से आने वाले मरीजों को परेशानी होती है। मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। इस तरह गैस्ट्रो मेडिसिन विभाग में लम्बे समय से एक ही डॉक्टर तैनात है। इस विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन दो सौ से अधिक मरीज आ रहे हैं। ओपीडी में सुबह से लाइन लगाये इन मरीजों को इंडोस्कोप, क्लोनोस्कोप समेत दूसरी जांचें भी होती हैं। डाक्टर पर मरीजों के इलाज का दबाव अधिक होता है। विभाग के एक मात्र विशेषज्ञ डॉ. प्रशांत वर्मा ने अपना इस्तीफा लोहिया संस्थान को दे दिया है। इसमें तीन माह की नोटिस दी गई है। अगर देखा जाए तो कोरोना काल में अन्य दो डाक्टर ने इस्तीफा दे चुके है। इससे पहले अब तक पांच विशेषज्ञ डाक्टरों से ज्यादा संस्थान छोड़ चुके है।












