लखनऊ। गोमती नगर स्थित डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की इमरजेंसी में फिर एक बार डाक्टरों पर भर्ती न करने का आरोप लगा। आरोप है कि इमरजेंसी पहुंची बुखार पीड़ित युवती को सोमवार को समय से इलाज नहीं मिला। तीमारदारों ने युवती मरीज में लक्षणों के आधार पर डेंगू हेाने की संभावना व्यक्त की थी। आरोप है कि इमरजेंसी में डॉक्टरों से लगातार मरीज को भर्ती करने का अनुरोध करते रहे, लेकिन डॉक्टरों ने आईसीयू में बिस्तर न खाली होने की बात कर रेफर कर दिया। तीमारदार मरीज को निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक मरीज की मौत हो चुकी थी। तीमारदारों ने लोहिया संस्थान इमरजेंसी में लापरवाही व अव्यवस्था की शिकायत सीएम पोर्टल पर करते हुए न्याय करने की मांग की है।
गोमतीनगर निवासी आकृति बाजपेई (18) को एक हफ्ते से बुखार आ रहा था। तीमारदारों का आरोप है कि मरीज को गोमती नगर स्थित निजी अस्पताल लेकर गये, जहां पर मरीज का इलाज शुरू किया गया। तीमारदारों का कहना है कि वहां पर जांच में डेंगू का पता चला। वहां पर मरीज की इलाज के बावजूद हालत बिगड़ती गयी। सोमवार की सुबह हालत ज्यादा बिगड़ने पर मरीज को लोहिया संस्थान रेफर कर दिया। मरीज के तीमारदार ऋषि के मुताबिक सुबह करीब चार बजे बहन को लेकर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में पहुंचे। आरोप हैं कि इमरजेंसी में एक कर्मचारी ने मरीज की जांच पड़ताल किये बिना ही बोल दिया कि बचना मुश्किल है, कहीं और ले जाओ। भेजे गये शिकायती पत्र के मुताबिक एक घंटे तक मरीज को भर्ती नहीं किया गयो। जबकि इमरजेंसी में बिस्तर खाली थे आैर इलाज किया जा सकता था। तीमारदारों का आरोप है कि ने बेड खाली होने की जानकारी देने के बाद भर्ती करने का अनुरोध किया गया, लेकिन भर्ती नही किया गया। मजबूरन तीमारदार मरीज को निजी अस्पताल ले गये। जहां डॉक्टरों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया। संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने मामले को गंभीर बताया। घटना की जांच कराई जाएगी।












