लखनऊ। तम्बाकू का सेवन करने वाले लोगों का उंगली का बार-बार मुंह पर छूने से कोरोना का संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। यह जानकारी विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग द्वारा आयोजित वेबिनार में डा. विनय कुमार ने व्यक्त किये। वेबिनार में तम्बाकू से युवाओं की रक्षा करने आैर उन्हें तम्बाकू आैर निकोटिन के उपयोग से रोकने के तरीकों पर ध्यान केद्रित करना था।
डा. विनय कुमार ने बताया कि तम्बाकू या खैनी का सेवन करने के लिए उंगली से मुंह को बार- बार छुआ जाता है। ऐसे में कोरोना ही नहीं अन्य संक्रमण भी सीधे अंदर पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि धुअंा रहित तम्बाकू जैसे गुटखा, खैनी जिससे लार ज्यादा बनाती है, फिर उससे भी कोरोना की बीमारी फैलने का खतरा बढ़ता है। डा. गुप्ता ने कहा कि कोरोना महामारी के समय को तम्बाकू छोड़ने का एक अवसर बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि धुंआ युक्त तम्बाकू जैसे सिगरेट बीढ़ी पीने से फेफड़े को क्षति पहुंचती है।
इससे फेफड़े नाजुक हो जाते है आैर उनमें कोरोना संक्रमण होने की ज्यादा आशंका होती है। बेविनार में तम्बाकू निंयत्रण सेल के परामर्शदाता सतीश त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में तीस हजार स्कूल तम्बाकू मुक्त किये जा चुके है। पिछले वर्ष लगभग 50 लाख रुपये फाइन से एकत्र कि ये गये। उन्होंने बताया कि तम्बाकू वेंडर लाइसेंस की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है। वेबिनार में गुडगांव से चेस्ट फीजिशियन डा. सिवासू, इंदौर से संहिता भूसर आदि मौजूद थे।












