विभिन्न तरीकों से कोरोना वायरस के संपर्क में आने से बचना ही प्राथमिक रोकथाम पायी गयी है। जैसे कि –
- साबुन और पानी (कम से कम 20 सेकेंड) या अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें और आंखों,नाक, मुंह को बिना धुले हाथ से छूने से बचें।
- फ्लू के लक्षण वाले लोगों से कम से कम 1मीटर (3 फीट) की दूरी बनाये रखें।
- श्वसन स्वच्छता, मुंह और नाक को कवर करें, ऊतक का उपयोग करके खांसी या छींक आती है तो इस ऊतक को तुरन्त हटा दें और अपने हाथों को साबुन और पानी से धो लें।
- बुखार, खांसी, पिछली यात्रा के इतिहास में सांस लेने में कठिनाई,स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता के साथ संपर्क इतिहास के लक्षण होने पर तुरंत डाक्टर से परामर्श करें।
- कच्चे और बिना पके मांस के सेवन से बचें।
- बुखार और सांस के लक्षणों के साथ चिकित्सा मास्क पहनें, लेकिन डब्लूएचओ, वायरस से सुरक्षा के लिए स्वस्थ लोगों के तिलए चिकित्सा मास्क के उपयोग कीर सिफारिश नहीं करता है।
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क के आखिरी दिन से 14 दिनों तक बुखार,खांसी और सांस की तकलीफ वाले लोगों की जांच आवश्यक है।
- हर संभव प्रयास द्वारा कम श्वसन पथ से नमूना एकत्र करके परीक्षण आरटी-पीसीआर द्वारा निदान की पुष्टि की जाती हैं।
- यदि परीक्षण नकारात्मक है, लेकिन कोरोना वायरस के लक्षण वाले मरीज फिर से नमूना एकत्र करते हैं।
- अधिकांश रोगसूचक रोगी का उपचार सभी सहायक देक्षभाल के साथ अस्पताल के आइशोलेशन वार्ड में किया जाना चाहिए।
- गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए आईसीयू में वेंटिलेटर पर इलाज की सलाह दी जाती है।
- यदि किसी रोगी को घर पर चेतावनी के लक्षण दिखाई देते हैं, तो चिकित्सा देखभाल मांगी जानी चाहिए।
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