डाक्टरों व कर्मचारियों ने एक दूसरे को जम कर कूटा

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लखनऊ। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में बुधवार को नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) केतहत तैनात संविदा पर तैनात डॉक्टर-कर्मचारियों की बीच कहा सुनी मारपीट में बदल गयी। कार्यालय में हुई मारपीट दौरान पहले तो डॉक्टरों ने कर्मचारी को कमरे में बंद करके जमकर पिटाई की। इस दोनों पक्षों के बीच बचाव करने पहुंचे सीएमओ डा. नरेन्द्र अग्रवाल भी धक्का- मुक्की में लड़खड़ा गये आैर गिरते – गिरते बचे। सीएमओ ने किसी तरह मामला शांत कराया। इसके बाद घायल कर्मचारी को इलाज के लिए बलरामपुर अस्पताल भेज दिया गया। उधर शाम को आरोपी डॉक्टर कार्यालय से बाहर निकले तो चाय की दुकान पर कर्मचारियों ने उन्हें घेर कर सड़क पर पिटाई शुरू कर दी। डाक्टरों को सड़क पर दौड़ा- दौड़ा कर पीटा गया। इस दौरान एक डाक्टर चोटिल हो गया।

इससे सड़क पर लम्बा जाम लग गया। आरोप है कि सीएमओ कार्यालय आया एक डॉक्टर नशे की हालत में था। सीएमओ ने कॉल करके पुलिस को बुला लिया। वहीं जख्मी कर्मचारी इमरजेंसी में भर्ती होकर अपना उपचार करा रहा है। दोनों पक्षों ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। घटनाक्रम के अनुसार सीएमओ कार्यालय के दूसरे तल पर सभी सीएचसी-पीएचसी के डाक्टरों की एक कार्यशाला का आयोजन किया गया था। कार्यशाला में खुर्रमनगर पीएचसी डॉ. धीरेंद्र सिंह, रहीमनगर डॉ. मृदुल, किला मोहम्मदी डॉ. शैलेंद्र पांडेय, सुगामऊ डा. जीतेंद्र वर्मा भी पहुंचे हुए थे। चारों डॉक्टर पहले सीएमओ कार्यालय के डॉ. बीके सिंह के कमरे में गये। बताते है कि जहां पर किसी फाइल को लेकर उनका पहले डॉ. बीके सिंह से कहा सुनी हो गयी। मामला बढ़ा आैर दोनों पक्षों में हाथापाई की नौबत आ गयी।

यह देख सीएमओ कार्यालय का कर्मचारी विपिन ने बीच बचाव किया, तो आक्रोशित चारों डॉक्टरों ने डा. बीके सिंह को छोड़ कर कर्मचारी विपिन को घेरकर पीटना शुरू कर दिया। बवाल मारपीट होता देख सीएमओ समेत अन्य अधिकारी कमरे में पहुंचे। चारो डाक्टर इतना विपिन को इतना मार रहे थे कि शांत कराने में धक्का मुक्की से सीएमओ लड़खड़ाकर गिरते बचे। सभी अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद किसी तरह मामला शांत पाया। घायल कर्मचारी को इलाज के लिए बलरामपुर की इमरजेंसी भेज दिया गया।। इस दौरान मेडिकल कराने आए अभ्यर्थियों का कामकाज प्रभावित रहा। मेडिकल बोर्ड न होने से अभ्यर्थी देर शाम तक बैठे रहे।

उधर सीएमओ कार्यालय में कार्यशाला समाप्त होने बाद चारों डॉक्टर बाहर चाय की दुकान पर चाय पी रहे थे। बताया जाता है कि घायल विपिन भी बलरामपुर अस्पताल से आ रहा था। उसके साथ कर्मचारियों की बहस उनसे हो गयी। वहीं एक बार फिर चारों डॉक्टरों ने विपिन को दोबारा पीट दिया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद सूचना पर गुस्साएं कर्मचारियों पहुंचे आैर डॉ. जितेंद्र वर्मा व डॉ. धीरेंद्र सिंह को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। इसमें डॉ. धीरेंद्र खून से घायल हो गये। इस मारपीट के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया। मौके पर आई पुलिस ने सब को शंात कराया। कार्यालय में हुई मारपीट मामले में दोनों पक्षों ने एफआईआर दर्ज करा दी है। सीएमओ डा. नरेन्द्र अग्रवाल का कहना है कि मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जिसके बाद दोषी मिलने वाले डॉक्टर-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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