लखनऊ। नशा करने में इंजेक्शन से युवाओं को एचआईवी संक्रमण बढ़ रहा है। प्रदेश में एचआईवी संक्रमण का आंकड़ा 4.5 प्रतिशत है। अगर देखा जाए तो तमाम दावों के बाद भी राजधानी सहित प्रदेश के दस जनपदों में यह आंकड़ा 10 प्रतिशत पहंुच चुका है। यह जानकारी सोमवार को यूपी स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी (यूपीसैक्स) ने डा. प्रीति पाठक ने गोमती नगर स्थित लोहिया संस्थान के एकेडमिक ब्लॉक में युवा दिवस पर यूपीसैक्स की ओर से जागरूकता कार्यक्रम दी गयी।
यूपी सैक्स की संयुक्त निदेशक आईसीटीसी डॉ. प्रीति पाठक ने यह जानकारी देते हुए कहा कि कि इंजेक्शन से नशा करने वालों को अतिसंवेदनशील ग्रुप में रखा जाता है। अक्सर देखा गया है कि एक ही सिरिंज का प्रयोग कर कई लोग एक साथ नशा करते हैं। इंजेक्शन सस्ता होता है, तो खाने वाली गोली महंगी मिलती है। एक इंजेक्शन के कई लोगों द्वारा प्रयोग करने से एचआईवी संक्रमण की आशंका हो जाती है। उन्होंने बताया कि अगर आंकड़ों को देखा जाए, तो प्रदेश में इंजेक्शन से नशा लेने वालों की संख्या करीब 18 हजार है। इनमें ज्यादातर 80 प्रतिशत युवा हैं। डॉ. पाठक ने बताया कि संवेदनशील में लखनऊ, मुरादाबाद, प्रयागराज, गोरखपुर, शाहजहांपुर, कानपुर नगर और वाराणसी समेत तीन अन्य जिले शामिल हैं।
लोहिया संस्थान के निदेशक प्रो एके त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान में एचआईवी इंफेक्शन में 46 फीसदी की कमी आ चुकी है, जबकि एड्स से मृत्यु दर में 22 फीसदी की कमी आ चुकी है। दूसरी तरफ देखा जाए तो अमेरिका में स्थिति कम होने के बजाए समान बनी हुई है। अब यह युवाओं की जिम्मेदारी है कि वह अपनी ऊर्जा को सही जगह लगाएं। हालांकि एड्स के मरीज अगर दवा छोड़ते हैं कि तो वायरस ज्यादा फैल सकता है।
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