लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में प्रशासन एवं सेवा प्रदाता एजेंसी की जानकारी में किये जा रहे करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद एक कर्मचारी को हटा दिया गया है। आरोप है कि केजीएमयू प्रशासन इस हरकत से संविदा कर्मचारी संघ आक्रोशित हो गया है।
संविदा संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि यूनियन के पदाधिकारी संगठन मंत्री अजय सिंह को केजीएमयू के जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों ने जानबूझ कर सेवा समाप्त करके दबाव बनाने की नीति बनाना शुरू कर दी है। इन सभी का आरोप है कि एजेंसी ने जानबूझकर अवैधानिक तरीके से अजय की सेवा समाप्त कर दी है। मेडिसिन विभाग के प्रमुख ने सेवा प्रदाता फर्म को भेजे गये पत्र लिखा है। एजेंसी ने अजय को छह महीने तक अनुपस्थित रहने के अलावा प्रशासनिक भवन पर धरना प्रदर्शन करने का आरोप लगाकर कार्रवाई की गयी है।
जब कि अजय को प्रत्येक महीने एजेंसी ने ही वेतन भुगतान ही नही किया है और बल्कि उपस्थिति भी दर्ज की है। इसके बाद संघ के पदाधिकारियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए अजय की बहाली और केजीएमयू प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए श्रम एवं सेवायोजन मंत्री, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को पत्र भेज कर आंदोलन करने की चेतावनी दे दी है। संयुक्त स्वास्थ आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि अजय को जल्द बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन करना मजबूरी होगा।
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