क्लीनिकल क्षेत्र में सेवा, समर्पण का भाव सर्वोपरि : सुरेश खन्ना

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लखनऊ। ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना से मनुष्य सेवा समपर्ण व आध्यात्म की ओर उन्मुख होता है, जो कि चिकित्सा क्षेत्र के लिए बहुत ही आवश्यक है। इस क्षेत्र में सेवाभाव की सर्वोपरि है। यह बात चिकित्सा शिक्षा व वित्त तथा संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में मां शारदालय के नाम से निर्मित होने वाले भवन के शिलान्यास समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि डाक्टर का विकास तभी होता है,जब उसके अंदर मानव सेवा का भाव हो, वह चारत्रिक रूप से दृढ़ हो एवं वह अपनी संस्कृति से भी जुड़ा हो। जब डाक्टर सेवा भाव से कार्य से जुटता है, तो उसे आर्थिक, सामाजिक, नैतिक व आध्यात्मिक सुख की प्राप्ति होती है। केजीएमयू कु लपति ने कहा कि मां शारदालय के निर्माण की पूरी जिम्मेदारी सीएसआर के तहत पीओसिटी क्वालिटी एंड स्किल डेवलमेंट फाउडेंशन ने लिया है।

केजीएमयू के 114 वर्षो के इतिहास में पहली बार परिसर में मां शारदालय का निर्माण होने जा रहा है। इसका निर्माण विश्वविद्यालय परिसर के टेनिस लॉन में हो रहा है। कार्यक्रम में उपकुलपति प्रो. मधुमति गोयल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एस एन शंखवार, डा. संदीप तिवारी, पीओसीटी के चेयरमैन सौरभ गर्ग, डा. बीके ओझा. डा. दिवाकर दलेला आदि मौजूद थे।

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