लखनऊ। राजधानी लखनऊ मे भी लगातार छायी धुंध के कारण लोगों सड़क पर चलने पर ही नहीं बल्कि प्रदूषित हवा हर जगह लोगों भी बीमार बना रही है। रिपोर्ट बताती है कि विश्व में हर 10 व्यक्ति में 9 व्यक्ति प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में 14 शहर भारत के है, जिनमें कानपुर सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर के बाद लखनऊ भी शामिल हो गया है। देश में वायु प्रदूषण के कारण हर साल लगभग 12 लाख मौतें होती हैं।
वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावः-
1. श्वसन की समस्या- दमा, गले में दर्द, निमोनिया, एम्फायासीमा, ब्रोंकाइटिस आदि की समस्या पैदा हो जाती है।
2.ह्मदय पर प्रभावः- ब्लड़ प्रेशर तथा हार्ट अटैक का खतरा।
3. डायबिटीज पर प्रभावः- लम्बे समय तक प्रदूषण में रहने से डायबिटीज होने का खतरा बढ़ता है।
4. कैंसर की संभावनाः- प्रदूषित हवा के जहरीले तत्व फेफड़े में जाने से कैंसर होने की संभावना
5. आंखो पर असरः- आंखे अक्सर लाल हो जाती है, जलन, पानी आना, ड्राईनेस की शिकायत
6. मस्तिष्क पर प्रभावः- चिड़चिड़ापन व बेचैनी और घबराहट जैसी दिक्कतें होती है।
7. लिवर व पेट पर असर- गैस बनना, हार्टबीट बढ़ना, उलझन, घबराहट की दिक्कत
8. बालों व त्वचा पर प्रभावः- बालों का टैक्सचर खराब हो जाता है और बाल गिरने लगते है और डैन्ड्रफ बढ़ जाता है। बाल की चमक गायब, उम्र से पहले झुर्रिया, एग्जिमा, स्किन एलर्जी व कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।
9. प्रजनन पर प्रभावः- पुरूष व महिला प्रजनन क्षमता तक प्रभावित, मिस कैरिज होन।
10. बच्चों पर प्रभावः- वायु प्रदूषण बच्चो के फेफडें की कार्य क्षमता प्रभावित, बोक्राइटिस।
किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पेटरी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डा. सूर्यकांत बताते है कि बचाव के लिए मास्क लगाकर निकले या फिर रु माल से नाक को ढक कर चले। आवश्यक कार्य होने पर ही बुजुर्गो, बच्चों व गर्भवती महिलाअों को बाहर न भेजें। किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर डाक्टर की परामर्श लें आैर दवाओं को सेवन करें।
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