लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के तमाम दावों के बावजूद ट्रॉमा सेंटर के अंदर दलालों का कब्जा है। अगर सरकारी अस्पताल रेफर मरीज को ले जाने के लिए तीमारदार 108 नंबर पर कॉल करे, तो अंदर से मिली सूचना के आधार पर निजी एंबुलेंस के दलाल तीमारदार तक पहुंच जाते है। निजी एम्बुलेंस के दलाल से सौदा होने पर अगर मरीज को नहीं ले गये तो दलाल तीमारदार से अभद्रता करने लगते है। बुधवार को यही हुआ तीमारदार ने 108 एम्बुलेंस को कॉल किया। दलाल पहुंच गया अौर तीमारदार से सौदे बाजी हुई , इसी बीच सरकारी एंबुलेंस भी आ गई। तीमारदार ने निजी एंबुलेंस लेने से मना किया तो दलाल ने तीमारदार से अभद्रता करते हुए धमकाना शुरू कर दिया। इस पर हंगामा हो गया। तीमारदार ने मामले की शिकायत दर्ज कराई है।
बाराबंकी से आए मरीज विनोद (35) बुखार से पीड़ित चल रहा था। तीमारदार अजय उसे लेकर दोपहर करीब डेढ़ बजे ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। यहां की इमरजेंसी के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार बाद मरीज को बलरामपुर अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन मरीज को बलरामपुर अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे कि तभी कर्मचारियों के इशारे में निजी एंबुलेंस के दलाल पहुंच गए। मरीज को बलरामपुर अस्पताल तक जाने के लिए पांच सौ रुपए में बात तय हुई। इसी बीच तीमारदार ने 108 पर कॉल करके एंबुलेंस बुला ली।108 एंबुलेंस पहुंचने पर निजी एंबुलेंस तीमारदार ने लेने से मना कर दिया। इससे दलाल नाराज हो गया। उसने तीमारदार से अभद्रता करना शुरू कर दिया। इसको लेकर तीमारदारों की एम्बुलेंस दलाल से हंगामा होने लगा। लोगों ने बीच बचाव करके मामला शांत कराया। सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार ने बताया कि ट्रॉमा गेट से निजी एंबुलेंस हटाने के लिए कई बार नगर निगम व अन्य जिम्मेदार लोगों को पत्र लिखा जा चुका है, पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।












