लखनऊ। चलने- फिरने में परेशानी आैर घुटनो व जोड़ों में तकलीफ को डाक्टर के परामर्श के बाद फिजियोथेरपी के माध्यम से किसी हद तक निदान पाया जा सकता है। अक्सर लोगों में बदलती जीवन शैली में गलत तरीके से उठना -बैठना व दर्द को सही समय पर ध्यान न देने के कारण बढ़ता है। यह जानकारी फिजियोथैरपिस्ट डा.योगेश मन्ध्यान ने वह रविवार को गोमती नगर स्थित एसएनए में आयोजित एक दिवसीय नेशनल कांफ्रेस ऑफ फिजियोथैरपी कार्यशाला में दी। कार्यशाला में फिजियोथेरेपिस्टों ने विभिन्न बीमारियों पर चर्चा की।
डा.योगेश ने कहा कि मौजूदा समय में लोगों का उठना ,बैठना,सोना तथा खड़े होने का तरीका उचित न होने के चलते शरीर के जोड़ों में समस्या आती है। जोड़ों की समस्याओं को फिजियोथैरपी के साथ दवाओं से ठीक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कार्यालय में लोग घंटों कम्प्यूटर के सामने बैठ कर काम करने से स्पॉनडलाइटिस की समस्या आम हो गयी है। उन्होंने कहा कि यदि काम करते समय थोड़ी-थोड़ी देर पर कम्प्यूटर से नजर हंटा कर घंड़ी या दिवार पर टंगी कुछ और दृश्य को देख लिया जाये, तो गर्दन में होने वाले दर्द व स्पॉनडलाइटिस की समस्या से बचा जा सकता है।
पीजीआई के फिजियोथैरपिस्ट डा.बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि हड्डीयों की बहुत सी बीमारियों को सिर्फ जीवन शैली में बदलाव लाकर ठीक किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हड्डी व नस की बहुत सी ऐसी बीमारियां है, जो उठने -बैठने के सही तरीके व लेटने के तरीके से ठीक हो सकता है। दर्द निवारक दवाओं का लम्बे समय तक सेवन करने से बीमारी में तो आराम नहीं मिलता है बल्कि लीवर व किडनी में समस्याएं शुरू हो जाती है। कार्यशाला में ओमान से आये फिजियोथैरपिस्ट डा.सैयद मोहम्मद वारसी ने बताया कि फिजियोथैरपी दवा विहीन थैरपी है। इससे शरीर पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। जबकि जोड़ों के दर्द में दवा खाने पर शरीर के अन्य अंग प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि जोड़ों के दर्द में शरीर की पूरी जांच कर फिजियोथैरपी से हड्डीयों को ठीक किया जा सकता है।।
डा. हुमा कटियार तथा डा.सोनाली सिंह की माने तो गठिया शरीर के सारे जोड़ों को प्रभावित करता है। फिजियोथैरपी के माध्यम से इसको बढ?े से रोका जा सकता है। इन चिकित्सकों की माने तो गठिया में फिजियोथैरपी का बड़ा रोल है। कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि लोगों को अपने घुटने तक बदलवाने पड़ते हैं। घुटने बदलवाने के बाद भी एक्सरसाइज बहुत जरूरी होता है।
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