PGI की संपूर्ण विकास यात्रा में जनरल हॉस्पिटल का योगदान अद्वितीय

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जनरल हॉस्पिटल का 42वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया; निदेशक प्रो. धीमन ने विमोचित की स्मारिका

​लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) के जनरल हॉस्पिटल ने 31 अगस्त 2026 को अपना 42वां स्थापना दिवस पहली बार ऐतिहासिक और भव्य रूप से आयोजित किया। इस समारोह में संस्थान की चार दशकों की सेवा यात्रा, विशेषज्ञ डॉक्टरों के योगदान और चिकित्सा क्षेत्र में हासिल की गई उपलब्धियों को रेखांकित किया गया।

​क्लीनिकल सेवाओं की मजबूत नींव
संस्थान की नोडल अधिकारी डॉ. अंजू रानी ने बताया कि एसजीपीजीआई की संपूर्ण विकास यात्रा में जनरल हॉस्पिटल का योगदान अद्वितीय रहा है। यह शुरुआत से ही प्राथमिक और आवश्यक क्लीनिकल सेवाओं का मुख्य केंद्र रहा। संस्थान की पहली सर्जिकल प्रक्रियाएं और स्त्री एवं प्रसूति (Gynecological and Obstetric) से जुड़ी शल्य चिकित्सा इसी अस्पताल में सफलतापूर्वक संपन्न की गई थीं।

​न्यूरोसर्जरी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी का प्रारंभिक दौर
स्थापना दिवस पर संस्थान के निदेशक और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रो. आर. के. धीमन का विशेष योगदान याद किया गया। प्रो. धीमन, जो एसजीपीजीआई के पहले पूर्व छात्र (Alumnus) भी हैं, ने अपने करियर की शुरुआत में एंडोस्कोपी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी क्षेत्र में सिग्मॉइडोस्कोपी जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों को स्थापित किया था।
​जनरल हॉस्पिटल की बुनियादी सुविधाओं के आधार पर ही आगे चलकर न्यूरोसर्जरी, जनरल सर्जरी, जनरल मेडिसिन और पीडियाट्रिक्स जैसी सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार हुआ। बाद में इन सुपर-स्पेशियलिटी विभागों को संस्थान के मुख्य परिसर में स्थानांतरित कर दिया गया, जबकि ब्रॉड-स्पेशियलिटी सेवाएं जनरल हॉस्पिटल में लगातार कार्य करती रहीं।

​अनुभवी डॉक्टरों की समर्पित टीम
अस्पताल में वर्तमान में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। मरीजों की देखभाल के लिए एक उच्च योग्य डॉक्टरों की टीम कार्यरत है:
​स्त्री एवं प्रसूति रोग: डॉ. अंजू रानी एवं डॉ. निधि
​सर्जरी विभाग: डॉ. ब्रजेश सिंह
​त्वचा रोग (Dermatology): डॉ. अजीत कुमार
​बाल रोग (Pediatrics): डॉ. अनुज सिंह
​रेजिडेंट्स: सीनियर और जूनियर रेजिडेंट्स की समर्पित टीम
​पूर्व सहयोगियों का सम्मान और स्मारिका का विमोचन
समारोह के दौरान अस्पताल की स्थापना से लेकर अब तक सेवाएं देने वाले पूर्व और वर्तमान चिकित्सा कर्मियों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। उपस्थित चिकित्सकों एवं कर्मचारियों ने संस्थान के शुरुआती दिनों की अपनी स्मृतियां साझा कीं।

कार्यक्रम के अंत में निदेशक प्रो. आर. के. धीमन ने अस्पताल के 42 वर्षों के सफर पर आधारित विशेष ‘स्मारिका’ (Souvenir) का आधिकारिक विमोचन किया।
​निदेशक ने दोहराया कि जनरल हॉस्पिटल एसजीपीजीआई की रोगी सेवा और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाओं की नींव था, है और हमेशा रहेगा।

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