समान काम-समान दाम की मांग: बांडेड डॉक्टरों का प्रदर्शन तेज, बारिश में भी डटे रहे आक्रोशित डाक्टर्स

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​लखनऊ। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में बांड के तहत तैनात एमबीबीएस डॉक्टरों का वेतन में भारी विषमता को लेकर आक्रोश लगातार गहराता जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के दूसरे दिन सैकड़ों डॉक्टरों ने गोमतीनगर स्थित चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय पर जोरदार धरना दिया।
​क्या है डॉक्टरों के आक्रोश का मुख्य कारण?
​NEET के जरिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों से MBBS करने वाले 2019 और 2020 बैच के लगभग 1800 डॉक्टर इस समय दो साल की अनिवार्य बांड सेवा (10 लाख रुपये बांड राशि) दे रहे हैं।

डॉक्टरों का आरोप है कि एक ही योग्यता और एक ही सेवा अवधि होने के बावजूद उनके वेतन में भारी भेदभाव किया जा रहा है:
​मेडिकल कॉलेजों में तैनात डॉक्टर: ₹1,10,000 प्रति माह।
​CHS व PHC में तैनात बांडेड डॉक्टर: ₹50,000 से ₹65,000 प्रति माह (निश्चित पारिश्रमिक)।
​NHM मेडिकल ऑफिसर (समान स्थान पर कार्यरत): ₹1,00,000 प्रति माह।
​डॉक्टरों का कहना है कि वे ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी और नाइट ड्यूटी जैसी सभी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें 2017 के पुराने सरकारी आदेश के आधार पर ही फिक्स मानदेय दिया जा रहा है, जिसमें कोई इंक्रीमेंट भी शामिल नहीं है।

​महानिदेशालय पर टालमटोल, बारिश के बीच कैसरबाग पहुंचे डॉक्टर
​धरने के दौरान चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के अधिकारियों ने डॉक्टरों से मुलाकात कर पल्ला झाड़ लिया। अधिकारियों का कहना था कि सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों का वेतन स्वास्थ्य महानिदेशालय तय करता है।
​इसके बाद आक्रोशित डॉक्टर भारी बारिश में भीगते हुए कैसरबाग स्थित स्वास्थ्य महानिदेशालय पहुंचे। डॉक्टरों का आरोप है कि तेज बारिश के बावजूद महानिदेशालय का मुख्य द्वार नहीं खोला गया और उन्हें बाहर ही खड़े रहने पर मजबूर किया गया, जिससे उनका गुस्सा और बढ़ गया।

​डॉक्टरों की 5 प्रमुख मांगें
​ग्रेड पे लागू हो: 5400 ग्रेड पे या समकक्ष लेवल-10 के अनुसार वेतन दिया जाए।
​भत्तों का लाभ: DA, HRA, NPA और अन्य सभी लागू भत्ते दिए जाएं।
​एरियर का भुगतान: वर्ष 2018, 2019 और 2020 बैच की पात्र सेवा का लंबित पारिश्रमिक व एरियर जारी हो।
​वार्षिक वेतन वृद्धि: निश्चित पारिश्रमिक में हर साल इंक्रीमेंट लागू किया जाए।

​लिखित आश्वासन: सभी मांगों पर लिखित और समयबद्ध (Time-bound) समाधान दिया जाए।
​प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि वे कोई विशेष सुविधा नहीं, बल्कि समान काम के लिए समान वेतन और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों की मांग कर रहे हैं।

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