योगी सरकार में स्पोर्ट्स कॉलेजों का बढ़ा क्रेज, 518 सीटों के लिए लगभग 2600 आवेदन

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*फिजिकल और स्किल टेस्ट के जरिए होगी खिलाड़ियों की प्रतिभा की परख*

लखनऊ। प्रदेश में खेल संस्कृति को नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। योगी सरकार की खेलोन्मुख नीतियों और आधुनिक सुविधाओं का ही असर है कि सत्र 2026-27 में स्पोर्ट्स कॉलेजों में प्रवेश के लिए रिकॉर्ड आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस बार प्रदेश के पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों की 518 सीटों के लिए करीब 2600 छात्रों ने आवेदन कर नया रिकॉर्ड बनाया है।

लखनऊ, गोरखपुर, सैफई, सहारनपुर और फतेहपुर समेत कुल 5 स्पोर्ट्स कॉलेज में कक्षा 6, 9 और 11 में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। इस साल 2600 के करीब आवेदन आये हैं। जबकि पिछले साल 1800 के करीब आवेदन आए थे। इस बार चयन प्रक्रिया को पूरी तरह मेरिट और प्रदर्शन आधारित बनाया गया है। प्रारंभिक चयन परीक्षा 100 अंकों की रखी गई थी, जिसमें 50 अंक फिजिकल टेस्ट और 50 अंक स्किल एवं गेम टेस्ट के निर्धारित किए गए। दोनों परीक्षाओं में न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य किया गया था।

प्रारंभिक परीक्षा में सेलेक्ट होने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य चयन परीक्षा में शामिल किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा में लखनऊ और कानपुर मंडल में पिछले साल 264 खिलाड़ी शामिल हुए थे, जिसके सापेक्ष में इस वर्ष 393 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया है। मुख्य चयन परीक्षा भी 100 अंकों की होगी, जिसमें खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। खेलवार एवं कॉलेजवार मुख्य चयन परीक्षा का आयोजन 3-4 जून तथा 5-6 जून को किया जाएगा।

फिजिकल टेस्ट में न्यूनतम 40 प्रतिशत यानी 20 अंक प्राप्त करना जरूरी होगा। खेल विशेषज्ञ मैदान पर अभ्यर्थियों की प्रतिभा का परीक्षण करेंगे। इसमें खेल तकनीक परीक्षा (स्किल टेस्ट) के लिए 30 अंक और गेम टेस्ट के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं। प्रदर्शन के आधार पर विशेषज्ञ अंक देंगे।
मुख्य चयन परीक्षा का परिणाम खेल साथी पोर्टल पर जारी किया जाएगा और चयन समिति का निर्णय अंतिम एवं सर्वमान्य होगा। मुख्य चयन परीक्षा के बाद अंतिम श्रेष्ठता सूची तैयार कर कॉलेज वेबसाइट, खेल साथी पोर्टल पर जारी किया जाएगा। मुख्य चयन परीक्षा की श्रेष्ठता सूची में शामिल अभ्यर्थियों की जैविक आयु जांच केंद्रीय व्यवस्था के तहत कराई जाएगी। विभिन्न खेलों के लिए अलग-अलग जिलों में यह प्रक्रिया होगी।

अभ्यर्थियों की जैविक आयु जांच अभिभावकों की सहमति से कराई जाएगी। जैविक आयु जांच में उपयुक्त पाए गए अभ्यर्थियों की काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। इसमें प्रमाणपत्रों का सत्यापन कर रिक्त सीटों और कॉलेज वरीयता के आधार पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रबंध समिति उत्तर प्रदेश के सचिव एवं स्पोर्ट्स कॉलेज लखनऊ के प्रधानाचार्य दीपेंद्र यादव ने बताया कि प्रारंभिक ट्रायल पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराया गया है और अंतिम ट्रायल भी पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि इस सत्र की तुलना में अगले सत्र 3 से 4 गुना ज्यादा आवेदन आएं।

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