लखनऊ। राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा 20 जुलाई 2026 को जारी वर्दी भत्ता, वर्दी नवीनीकरण एवं धुलाई भत्ता संबंधी शासनादेश (GO) का स्वागत किया है। संघ के अनुसार, यह मांग पिछले 10 वर्षों से लंबित थी, जिस पर आखिरकार शासन ने निर्णय लिया है।
महंगाई के दौर में भत्ते में बढ़ोतरी नाकाफी
शासन द्वारा जारी नए शासनादेश के तहत वर्दी भत्ते को ₹2500 से बढ़ाकर ₹4500 और धुलाई भत्ते को ₹100 से बढ़ाकर ₹150 प्रतिमाह किया गया है। राजकीय नर्सेस संघ ने इस बढ़ोतरी को निराशाजनक बताते हुए कहा कि वर्तमान महंगाई और दैनिक वास्तविक खर्चों की तुलना में यह वृद्धि अत्यंत अपर्याप्त है।
SGPGI और KGMU के समान भत्ते की मांग
संघ की स्पष्ट मांग है कि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के सभी नर्सिंग अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रदेश के प्रमुख स्वायत्त संस्थानों—जैसे संजय गांधी पीजीआई (SGPGI), केजीएमयू (KGMU) लखनऊ, उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान—के समान ही वर्दी भत्ता और अन्य सुविधाएं दी जाएं।
संघ का तर्क है कि एक ही जैसा काम करने वाले नर्सिंग कर्मियों के बीच केवल अलग-अलग संस्थानों के आधार पर भत्तों में भेदभाव या असमानता करना बिल्कुल न्यायोचित नहीं है।
सरकार से शासनादेश की समीक्षा करने की अपील
राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री अशोक कुमार ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस शासनादेश की तत्काल पुनः समीक्षा करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि सरकार को सभी स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभागों के नर्सिंग स्टाफ को प्रदेश के शीर्ष संस्थानों के बराबर सुविधाएं देनी चाहिए ताकि सभी कर्मियों के साथ समानता और न्याय सुनिश्चित हो सके।












