Vaimanika Aerospace ने 100 Kg पेलोड रेस्क्यू ड्रोन का किया लाइव प्रदर्शन

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बिहार रेजिमेंटल सेंटर में फ्लड रेस्क्यू सेमिनार आयोजित

पटना। झारखंड एवं बिहार सब एरिया द्वारा मंगलवार को बिहार रेजिमेंटल सेंटर में आयोजित फ्लड रेस्क्यू ऑपरेशन सेमिनार एवं आधुनिक बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी में वैमानिका एयरोस्पेस ने अपनी अत्याधुनिक ड्रोन तकनीकों का सफल प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वैमानिका एयरोस्पेस द्वारा विकसित 100 किलोग्राम पेलोड कैरियर रेस्क्यू ड्रोन का लाइव डेमो रहा। कंपनी के विशेषज्ञों ने बताया कि यह ड्रोन आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा अन्य राहत एवं बचाव एजेंसियों के साथ मिलकर ह्यूमन रेस्क्यू, खाद्य सामग्री, दवाइयों, मेडिकल किट, लाइफ सेविंग उपकरण एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री की त्वरित आपूर्ति के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। सड़क संपर्क बाधित होने या दुर्गम क्षेत्रों में यह ड्रोन राहत कार्यों को तेज और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इस अवसर पर वैमानिका एयरोस्पेस ने अपने लॉन्ग रेंज एआई-इनेबल्ड सर्विलांस ड्रोन को भी प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया। कंपनी ने बताया कि यह ड्रोन बड़े क्षेत्र की रियल-टाइम निगरानी, बाढ़ प्रभावित इलाकों की पहचान, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, संवेदनशील स्थानों की मॉनिटरिंग तथा राहत एजेंसियों को सटीक एवं त्वरित जानकारी उपलब्ध कराने में सक्षम है।

इसके अतिरिक्त बिहार रेजिमेंटल सेंटर के अधिकारियों एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों को आधुनिक रक्षा एवं सामरिक उपयोग वाले विभिन्न ड्रोन प्लेटफॉर्म से भी परिचित कराया गया। इनमें कमिकाज़े ड्रोन, शाहेद प्रकार के लॉन्ग रेंज ड्रोन, सर्विलांस ड्रोन, लॉजिस्टिक ड्रोन तथा अन्य आधुनिक ड्रोन तकनीकों की जानकारी अधिकारियों को दी गई। कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल एवं सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने आधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों तथा ड्रोन तकनीकों का अवलोकन किया। उन्होंने आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक के बढ़ते महत्व और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।

झारखंड एवं बिहार सब एरिया के जीओसी मेजर जनरल जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान 51 इंजीनियर रेजिमेंट द्वारा आधुनिक बाढ़ राहत एवं बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर अमित वेदी, बिहार रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर राकेश कुमार बोरा, डिप्टी कमांडेंट कर्नल विजय कुमार, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल प्रशासन तथा विभिन्न आपदा प्रबंधन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वैमानिका एयरोस्पेस ने कहा कि कंपनी स्वदेशी ड्रोन तकनीक के माध्यम से रक्षा, आपदा प्रबंधन, कृषि, लॉजिस्टिक्स एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्रों के लिए उन्नत समाधान विकसित कर रही है। भविष्य में भी कंपनी देश की सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ मिलकर अत्याधुनिक ड्रोन आधारित तकनीकों के विकास और उनके प्रभावी उपयोग के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

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