लखनऊ। मुंह से जुड़ी समस्याओं और बोलने में आने वाली रुकावटों के लिए अब आधुनिक तकनीक एक वरदान साबित हो रही है। हाल ही में आयोजित एक दंत चिकित्सा सम्मेलन में विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे ‘लेजर फ्रेनेक्टॉमी’ तकनीक से बिना किसी खास दर्द या सर्जरी के जीभ और तालू से जुड़ी समस्याओं का सुरक्षित इलाज किया जा रहा है।
बिना ब्लेड और कम दर्द के सटीक इलाज
सम्मेलन के दौरान डॉ. हिमांगी ने बताया कि कई मरीजों में जीभ या होंठ के नीचे अतिरिक्त ऊतक (Tissue) जुड़ा होता है, जिससे उन्हें बोलने और मुंह की सामान्य गतिविधियों में परेशानी होती है।
”लेजर फ्रेनेक्टॉमी तकनीक से इस अतिरिक्त ऊतक को बिना ब्लेड (Blade) का इस्तेमाल किए बेहद सटीक तरीके से हटा दिया जाता है।” — डॉ. हिमांगी
लेजर फ्रेनेक्टॉमी के मुख्य फायदे:
कम दर्द और रक्तस्राव: पारंपरिक सर्जरी की तुलना में इसमें ब्लीडिंग और दर्द न के बराबर होता है।
तेज रिकवरी: इलाज के बाद घाव बहुत जल्दी भरता है।
कम संक्रमण का खतरा: लेजर तकनीक के इस्तेमाल से इन्फेक्शन (Infection) का खतरा काफी घट जाता है।
बोलने की क्षमता में सुधार: प्रक्रिया के तुरंत बाद मरीज को साफ बोलने में काफी मदद मिलती है।
डेंटल इम्प्लांट्स में आई क्रांति: आसानी से स्वीकार हो रहे नकली दांत
कार्यक्रम के दौरान इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA) के डॉ. सुधाकर सिंह ने आधुनिक इम्प्लांट्स पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि नए और उन्नत इम्प्लांट्स की मदद से अब मरीजों में नकली दांत प्रत्यारोपित करना बेहद आसान हो गया है। सबसे अच्छी बात यह है कि मरीज का शरीर इन नए इम्प्लांट्स को बिना किसी परेशानी के आसानी से ग्रहण कर लेता है।
2000 से अधिक दिग्गज डॉक्टरों की मौजूदगी
इस विशेष दंत चिकित्सा सम्मेलन में देश भर के 2000 से अधिक डॉक्टरों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से:
डॉ. संदीप शुक्ला
डॉ. टी.पी. चतुर्वेदी
केजीएमयू दंत संकाय के डॉ. पवित्र रस्तोगी
डॉ. प्रज्ञा पांडेय
डॉ. अमय त्रिपाठी
समेत कई वरिष्ठ दंत चिकित्सक मौजूद रहे और उन्होंने आधुनिक डेंटल तकनीकों पर अपने विचार साझा किए।












