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Kgmu : एस्मा के बीच कर्मचारियों की हड़ताल, तीन दिन के आश्वासन पर आंदोलन स्थगित

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​पुलिस से नोकझोंक के बीच निकाली गई रैली

लखनऊ। एस्मा (ESMA) लागू होने के बावजूद लखनऊ स्थित केजी मेडिकल कॉलेज एंड जीएम एंड एसोसिएटेड हॉस्पिटल कर्मचारी परिषद ने मंगलवार को हड़ताल की। परिषद के अध्यक्ष विकास सिंह और महामंत्री अनिल कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सीबी हॉस्टल से रैली निकाली। यह रैली न्यूरो सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी और नेत्र रोग विभाग से होते हुए प्रशासनिक भवन पहुंची। इस दौरान परिसर में भारी पुलिस बल मौजूद रहा और प्रशासनिक भवन में प्रवेश रोकने को लेकर पुलिस तथा कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

​कुलसचिव को हटाने पर अड़े कर्मचारी, शासन को भेजी गई रिपोर्ट
प्रदर्शनकारी वर्तमान कुलसचिव अर्चना गहरवार को हटाने और किसी संवेदनशील अधिकारी की तैनाती की मांग पर अड़े हैं। दूसरी ओर, कुलसचिव ने हड़ताल और प्रदर्शन से संबंधित फोटो, वीडियो और अन्य तथ्यों की रिपोर्ट शासन के उच्च अधिकारियों को भेज दी है। इसमें एस्मा का हवाला दिया गया है, जिसके आधार पर हड़ताली कर्मचारियों की पहचान कर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

​कुलपति के आश्वासन के बाद मिला 3 दिन का समय
प्रदर्शन के बाद कर्मचारी परिषद के प्रतिनिधियों की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के साथ वार्ता हुई। कुलपति द्वारा तीन दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है। हालांकि, परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समयसीमा में समाधान नहीं हुआ, तो वे आगे की रणनीति तैयार करेंगे।

​कर्मचारियों की प्रमुख मांगे:
​कुलसचिव का तबादला: वर्तमान कुलसचिव को हटाकर उनके स्थान पर किसी संवेदनशील अधिकारी को नियुक्त किया जाए।
​समयबद्ध कार्य: 18 मई 2026 को दिए गए प्रशासनिक आश्वासन के तहत लंबित कार्यों को एक महीने के भीतर पूरा किया जाए।
​भर्ती और पदोन्नति: वेतन, पदोन्नति, कैडर निर्धारण और रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।
​फैसलों का क्रियान्वयन: 20 नवंबर 2025 की कार्यकारिणी परिषद की बैठक के निर्णयों, 5 कैडर के अनुमोदन और शासन के आदेशों का प्रभावी पालन हो।

​बकाये का भुगतान: पिछले तीन महीने से रुके वेतन का तत्काल भुगतान किया जाए और भविष्य में नियमित समय पर वेतन दिया जाए।
​उत्पीड़न पर रोक: कर्मचारियों की आवाज उठाने पर किए जा रहे तबादलों और फाइलों को शासन भेजने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए।

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