kgmu : बाहरी परीक्षाओं में जाने से पहले लेनी होगी शासन की NOC, प्रशासन ने कड़े किए नियम

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​बिना अनुमति किसी भी परीक्षा या शैक्षणिक कार्य में शामिल होने पर रोक, कुलसचिव ने जारी किया आदेश

​लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के चिकित्सा शिक्षकों के लिए अब किसी भी बाहरी विश्वविद्यालय या संस्थान की परीक्षा में परीक्षक (Examiner), पर्यवेक्षक (Observer) या अन्य कोई शैक्षणिक दायित्व निभाना आसान नहीं होगा। KGMU प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि बिना उत्तर प्रदेश शासन की पूर्व अनुमति (NOC) के कोई भी शिक्षक किसी बाहरी परीक्षा या शैक्षणिक गतिविधि में शामिल नहीं हो सकेगा।
​प्रशासन के इस अचानक आए फरमान से विश्वविद्यालय के शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।

​शिक्षकों पर कसेगा शिकंजा: अब आवेदन से पहले चाहिए अनुमति
​KGMU में करीब 600 चिकित्सा शिक्षक कार्यरत हैं। देखने में आ रहा था कि कई बार शिक्षक शासन या विश्वविद्यालय प्रशासन को पूर्व सूचना दिए बिना ही बाहरी शैक्षणिक गतिविधियों और परीक्षाओं में शामिल हो जाते थे।
​इस व्यवस्था पर पूरी तरह से शिकंजा कसने के लिए

कुलसचिव ने शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए एक विस्तृत आदेश जारी किया है:
​किन्हें लागू होगा नियम? मेडिकल, दंत (Dental) एवं नर्सिंग संकाय के सभी अधिष्ठाताओं (Deans) और विभागाध्यक्षों (HODs) को निर्देश भेजे गए हैं।
​क्या है नया नियम? चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत किसी भी शिक्षक को बाहरी पाठ्यक्रम या परीक्षा में भाग लेने के लिए आवेदन करने से भी पहले शासन से अनुमति (NOC) लेनी होगी।
​कड़ाई से पालन: विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों को इस व्यवस्था का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।

​⚠️ नियम तोड़ा तो लटकेगी कार्रवाई की तलवार
​इस नए आदेश के सामने आने के बाद शिक्षकों के गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। शिक्षकों का मानना है कि अब बाहरी संस्थानों या विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं में शामिल होने के लिए एक लंबी और जटिल प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
​बड़ी चेतावनी: विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक, यदि कोई शिक्षक इस नियम की अनदेखी कर बिना पूर्व अनुमति के किसी बाहरी परीक्षा या शैक्षणिक कार्य में शामिल होता पाया गया, तो उस पर कड़ी अनुशासनिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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