लखनऊ। मौसमी इंफ्लूएंजा के सब टाइप एच3एन2 के लक्षणों वाले केस राजधानी में तेजी से बढ़ रहे है। केजीएमयू, बलरामपुर अस्पताल, लोहिया संस्थान की ओपीडी में एच3एन2 के लक्षणों वाले केसों की संख्या को देखते हुए डाक्टरों ने जांच कराना शुरू कर दिया है। डाक्टरों को उम्मीद है कि अगले सप्ताह एच3एन2 के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या आैर बढ़ सकती है। इसके लिए सावधानी बरतनी की आवश्यकता है। विशेषज्ञ डाक्टरों की मानें तो इंफ्लूएंजा एच3एन2 से सबसे ज्यादा छोटे बच्चों व बुजुर्गो को बचाव की आवश्यकता है। उनका कहना है कि अगर एच3एन2 के लक्षणों मिले, तो डाक्टर से परामर्श जरूर लें।
केजीएमयू में ओपीडी मे मेडिसिन व रेस्पेटरी मेडिसिन विभाग की ओपीडी में खांसी जुकाम बुखार के साथ सांस लेने में दिक्कत के मरीज काफी संख्या में पहुंच रहे है। काफी संख्या में मरीजों को दवा दी जा रही है, लेकिन सीने में दर्द व सांस लेने में दिक्कत वाले मरीजों की एक्सरें व अन्य जांच करायी जा रही है। केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ डाक्टर व जिरियाटिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डा. कौसर उस्मान बताते है कि इंफ्लूएंजा एच3एन2 से बुजुर्गो का बचाव करने की आवश्यकता है। क्योंकि पहले से ही उनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, इसके कारण वह जल्दी संक्रमण की चपेट में आते है। खास कर वह लोग जिन्हें पहले से श्वसनतंत्र या फेफड़े से जुड़ी बीमारी है, उन्हें बचाव की आवश्यकता ज्यादा है। इसी तरह छोटे बच्चों को बचाव की आवश्यकता है। उनका कहना है कोरोना काल की तरह मास्क व हाथ को स्वच्छ रखना आवश्यकता है। यह किसी भी संक्रमण से बचाव कर सकता है। डा. उस्मान का कहना है कि मरीज को दवाओं का सेवन खुद से करके डाक्टर से परामर्श के बाद लें।
विशेषज्ञ डाक्टरों की मानें तो पहले मरीज चार से पांच दिन में वायरल व सर्दी जुकाम से ठीक हो जाता था, अब सात दिन से ज्यादा का वक्त लग रहा है। फिलहाल लक्षणों के आधार पर ज्यादा गंभीर मरीजों की जांच कराने के लिए कहा गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
लोंिहया संस्थान की ओपीडी में बाराबंकी, हैदरगढ़ सहित आस-पास क्षेत्रों के मरीज काफी संख्या में आते है। यहां पर ओपीडी फुल चल रही है। मेडिसिन विभाग से लेकर श्वसनतंत्र विभाग की ओपीडी में एच3एन2 के लक्षणों वाले मरीज है। इलाज कर रहे डाक्टरों की मानें तो सर्दी जुकाम में लोगों को कमजोरी महसूस हो रही है। खांसी जल्द कम नहीं हो रही है। एक्सरें में चेस्ट में इफेक्शन मिलता है। विशेषज्ञों डाक्टरों की मानें तो कई मरीजों का आक्सीजन लेबल भी कम पाया गया है।
सीएमओ कार्यालय के प्रवक्ता योगेश का कहना है कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सभी अस्पतालों में सर्तकता बढ़ा दी गयी है। लोगों को भीड़ भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगा कर जाए आैर हाथों को सेनिटाइज व जल्दी जल्दी हाथ धोने की परामर्श दिया जा रहा है। फिलहाल अभी किसी भी अस्पताल से एच3एन2 मरीज की जानकारी नहीं मिली है। जांच में पुष्टि होने पर जानकारी देने के निर्देश है। उनका कहना है कि प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन करने का निर्देश है।
लक्षण —
सर्दी जुकाम के साथ लगातार खांसी, लगातार नाक बहना या बंद रहना, गले में लगातार खराश बने रहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, बुखार, ठंड लगना व थकान, अचानक चलने में थकान महसूस होना , उल्टी
हल्के में न ले इन लक्षणों को यह लोग
बुजुर्ग, अस्थमा के मरीज, हार्ट की कोई भी बीमारी, किडनी में कोई समस्या हो, खास कर जिनकी डायलिसिस चल रही हो, गर्भवती महिलाएं












