हाई रिस्क ग्रुप के लोगों की होनी चाहिए निगरानी

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लखनऊ । संजय गांधी पीजीआई के नेफ्रोलाजी विभाग के प्रमुख प्रो. नरायन प्रसाद ने विश्व किडनी दिवस पर सलाह दिया कि हाई रिस्क ग्रुप अधिक उम्र, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज. मोटापा, फैमली हिस्ट्री, बार –बार किडनी स्टोन बनने वाले लोगों का हर 6 महीने पर किडनी जांच होनी चाहिए। इसके लिए पेशाब में प्रोटीन और सीरम क्रिएटिनिन की जांच करनी चाहिए। हर दसवें व्यक्ति में किडनी की परेशानी है। बीमारी का जल्दी पता लगाना जरूरी है। बचाव का खर्च बीमारी के खर्च से कई गुना कम है। आपदा के समय प्रबंधन के लिए हर अस्पताल में एक सेल होना चाहिए। इस साल की थीम भी है इमरजेंसी में मदद की तैयारी ।

 

 

आपदा भूकंप आदि के दौरान मांसपेशियों में मायोग्लोबलीन निकलता है जो किडनी की कार्यक्षमता को कम कर देता है। घाव, सेप्सिस के कारण भी किडनी इंजरी होती है ऐसे में किडनी के परेशानी के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे आपदा ग्रस्त लोगों जीवन बचाने के लिए विशेष इंतजाम और संसाधन की जरूरत होती है। आपदा के दौरान किडनी सहित अन्य परेशानियों के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर(एसओपी) तैयार करने की जरूरत है।

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